पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/९८

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रोम सामाज्य है, में सोम मिग मिल मूर्तिया प्रतिष्ठित की गह। (१५९८१६८०), कॉफएटाना (१६३४ १७१४ इ० ) है। मिनामा मेधिकाफ मनिरया गरन देग र यही मादि कारीगरोंगी कारोगरी विद्याफे उत्तप साधनमें मनमें आता है, कि यह रिमी समयमें पिसी पुराने अप्रसर होने पर भी उससे रक्षा परनेमें समर्थ नहीं महलमा गार होगा। मिया रसके मलाप्टर यास हुए। उस समय रोनयासो स्थापत्य सौन्दर्यको भूल भयत सन टु साइवेरियस-गृत सेनानियास या छावनी | पर माइपेर आञ्जीलोफे चिनिपुण्य पर मोहित हो रहे (Prnetorrnm cump), २७ ईसाम पूर्व पनिप्पा | हैं। इसके बाद सुदक्ष राफेल, कनिष्ठ आएटानी या दा विनिर्मित मुममि Pantheon' प्रसाद या देवमन्दिर सदालरोजा सा सोभिनो मादि लिफागण (artist) और उसके निकटके घडी दालगा ( Thermne ot] अपने अपने मनक अनुमार कानाबिन प्रासाद निर्माण Agrippm) और Tiremens barrnch Goldens, फरनेम माचोन स्थापत्य दिपा अरसाद हुआ था। Hou c of Ncro और जुलियस सार द्वारा प्रतिष्ठित वतमान युग। Septh Julin यादि योर भी यहोरी मट्टारिया होरेटदिन युगके मतमें धीरे धीरे कर कारीगरों के मुनेक रूपमें पाई गई। अभ्युदय होने पर मा चिवविद्याफे प्राधान्य शीर उत्क रोमफे पुराने ग्राडामएडप धौर रशालयों में साम । तान रोमीय स्थूशिल्पक पदले सूक्ष्म क्लाविधाका मषिसमस, सकस समिरियम, फेलियोलाया सर्वस शाजय प्रण किया । सदीताप गौर चित्रविधाका आदि उल्लेप किया जा मरता है। रिमिने १७६ यथेट आदर बढने लगा। इमामे पर एम० ए० मिरियस विसये रगाया इ०सन्का 10वीं और १८वीं शता दा रोमोंके पसन्द उन्लेख किया है। इमामे पूर पगीन पयर पराकी मालिश रोप दो गया । इम मम Cosmata पक रङ्गमञ्चको प्रतिष्ठा का यो । राप्तय देवा।। या Renu since युगवा शि पचातुर्य शाजपलकी मान-सम्प्रदायक सस्पट्यम सोमन यौसे। अट्टालिका परितमित नही कर सकता है। १२वीं शताये यौच Tना स्थानों, इसाइ मन्दिर सामान्य रूपसे महाठिकानों को गवाह होने पर भी यासि स्थापित हुए थे। दश पिपराकाष्टास्वरुप सम्राट रिकामोरे मर गाम्भीरकी रक्षा ही है। स्वी निरोफे रायराम गोटियाम गटरनासरत लोटोरन पताप्दी इसमें रितने हा परिपतन दिखाई देते हैं। प्रासाद बना । सभार पास्ता ताइनफे राज्यकालमं मारि सन् १८७० ईम रोम राजधानाके रूपमें पु व्ययहत क्न प्रासादगृहमा पतन या था। पीछे मानिस दोन पर रामघारी फिर कारोगरा विद्याकी उन्नति में १२०० १०में पोप इनोसेएए और पाले १२७७ १२८० । गे । दोमोपरि स्थापित ८15 101 Risparmmo इ० ३रे शिवोलसने बहूत यक्षके साथ इस साकार । म प्रासाद और टाइबर नदीक किनारेको कर को यदल दिया था। पुरिनामासाद, यह इटली महालिफाय 'trori बीर पोरेएगहाप्रासादक राजा मानुपरपे रानभयनये स्पर्म ग्रीन हुआ है। पर बना है। पियाजा निकोमियागे एक वाट्टालिका, नारपातयुग। प्रमेण्टर 'पालाओ गिरीद" प्रमादक और मिटलहोरेन, मन १४५० १५५०१० तक गेमको शोरेण्टा युग गिनिसके एक सुन्दर प्रामादक पर निर्मित हुए थे। पहा जाता है। इस समय मिगोदा पिगो या Ano, मिया इसके गजपुरगोंक यसमे s raolo luorate dh gorann Bram inte Baldnesire reran Murn v यमरिया आदि प्राचीन कीर्तियांफी मरम्मत गादि प्रसिर कारगिरीश यार्भािव मा था। इन ! हा घो। म ममय यहाका म्युजियम और तिमदिर जायनरम रोमाय पियाराविधा। गोर्षस्थान | (Galleries) देखोकी माता पिकार दिया था। इसपे बाद मिगनोला (१७०७ पान्न भौर साहित्य। १५३३), कामदाना (१५५६ १६३६), यानिना रोमाने मभ्यतामार्गमे मप्रमर दो र सम्पनातिये