पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/१०७

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पहम्पद लारी (मुला-माम्मद पिन इसा तिमिनी 'जय नयाय हुमा तय अनजाने रेजा बांको मुर्शि- पिण्यान पंरित, मैपद हम दोक पुन । उन्होंने दावादका प्रधान सचिव बनाया । १७१२६०में कॉमिल परसियाको राज-कन्यासे विवाह पर 'दम' उपाधि फे विचारानुसार रेजा का फैद कर फलकना लाये गये। पाई थी। इस्पाहन नगरमें 'इन्दीने कई प्रचलिये, इसके चार वर्ष बाद विचार-यिभागमें विश्ल ता उप-] जिनमे 'उफस-उल-मुधोन' तथा 'सारा मुक्तसर की स्थित होनेसे यारेन हेटिंगसने इन्हें फिरसे उक्त पद टोका प्रधान है। १६.०० इनका देहान्त हुना। प्रदान किया था। | माहम्मद यकिर (दमा) अलीयंग म माम, नाम महम्मद लारी (मुल्ला )-तालिफ मुला महम्मद लारी अन उस मायेदिनके पुत्र । ६६ मे इनका जन्म नामक के प्रणेता। और ७३१ ई०मे मरण हुआ। मदीना में इनको दफनाया महम्मद लाद--'मरिषद उल फजला' नामक मभिधानये गया । प्रणेता। महम्मद बिन भादुल मनोज-सालिम-यमानि नाम: महम्मद यकि (खाजा)-एक मुसलमान साधु । दिल्लीमें प्रसिन तुको प्रधता । १६.२ में इनकी मृत्य कदम रसूलके पास इनका मकयरा मोजद है। १६०३ : हुई। १०में ये परलोकवासी हुए । महम्मद बिन माग्दुल रहमान-फूका नगरवासी एक प्रसिद्ध मदम्मद यफ्स-नीरतन ( नवरत्न ) नामक उई फायफे। हाकिम भऔर काजी । ७३ पेपरलोकयामा युए। प्रणेता। दि०.१२३० ई० में लखनऊपति गाजि उहीन महम्मद बिन आयु यसर-इस्लामधर्म प्रयक. महम्मदये. ददरके समय में इन्होंने यह ग्रंथ समाप्त किया। इसकं माला तथा प्रथम सलीफा मावू वारफे पुत्र । गलीफा सिवाय 'गुलसन नीयहार' तथा 'चारचमल' नामक दो अलीने न्दं मित्र देशका शासक नियुक किया । और भी किताये इनकी लिपा हुई हैं। कयिता शक्तिके मामान्तराज अमायन उल भागके साथ जो युटामा कारण इन्हें 'महमूद'-को उपाधि मिली थी। या उसमें इन्दं परास्त और फैद कर राजा १म मुगा. महम्मद यकिर-इस्पाहन नगरके एक प्रधान धर्मपाजक। निपरफे समाप लाया गया। राजासे प्राणदण्डकीमाशा (शेष-इलास्लाम ), महम्मद तकिके पुत्र। देयतत्त्व, मिलने पर इनका शरीर गदहेके चमड़े सेक कर जला नीति, स्मृतिशास्त्र तथा साहित्य सभ्यन्धमै भाप जैसे दिया गया। किसी भी शानयान पण्डितने परसिया राज्यमें जन्म महम्मद यिन भदमद-'तर्जुमा फतुह' नामक मापी नहीं लिया था। धर्मावलम्बियों धर्मतत्स्यकी मोमांमा- धर्फ प्रणेता। ११६न्होंने एक भाया प्रग्धसे में आप अदितीय थे। महम्मदका गृह-विच्छेद, भरवसातिका पराभय, महम्मद इनका उज्वल यश संपूर्ण परसिया राज्यों की अवनति तारायु यारको गालोमापदमानिसले विस्मृत था। म्ययं शाह सुलेमान इनके डानसे मोहित कर काला युद्ध में हुसैनकी मृत्युका हाल जमा हो कर इन्हें अपनी कन्या दिनको प्रस्तुत हुए थे। परन्तु किया है। पे तो सांसारिक बासनागाँसे घिरता घे भतपय माहकी महम्मद यिन माली-गायना उनान माम मादी या पुरोगो सकी। इनके धनापे हुए 'इम-उल्ल- : प्रधमे प्रणेता। पहन लाम धर्मपराक महम्मद यकीन' सियासंप्रदायकी एक उत्रए धर्मशाख है। तथा उनके परिपदो मे पर्णनसे भरा उसमें विभिन्न मोका सएडन विचारपूपंह किया गया । महम्मद विन मर (मन शिमीमी)-प्रधान प्रधान सिया. है। इसके सिवाय पदर-उल-अनयर मादि गनेको । ऊ जीयनी रचयिता। उत्पष्ट पन्ध इनके लिये हुए मिलते हैं। इनकी मृत्यु मम्मद बिन सा , तिमिगी-जमासिमिती नाम पर १६६८ में हुई। पेना। ६ भाट पुगाराज गिय थे। ८४ रन. महम्मद पकिर दमद ( मोर -आष्ट्रापाइयासी एक का परलोक यास मा। "rot. 'XTI. 25