पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/१२१

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महम्मद साह तुगलक म ... ,सर्गद्वारोम प्हते समय काढा मगरका मिजाम (सफे बाद मुलतान बदायको पले । यदो सिपर विद्रोही दुमा । आइन-उल-मुल्क उस समय मुल.| सालार मसाउदके मकारा पर बड़ी प्रयासे गिरनी सानके पक्षमें थे। उल-मुल्कने उसे कैद कर उसका चढ़ाई। फिर यह दिप्ती भाया। पहाँ उसको पद धुन जीता माल कदया कर दिलो मेजा था। इसके बाद समाई, कि अम्बामगीय पलीफासे रामसनद मंगापे

पिदरफे राजा नसरत पनि राजतक्षयिलको थपने मदमें विना इसे कल नहीं। उस समय उसकी धारणा हो गां,

वर्थ कर दिया। इससे सुलतानके कठोर दएडका कि अदास यंशधर पलोफासे पिना सनद पापे को भागो होना पष्टता, सोलिपे यह भी वागी हो गया। मुसलमान बादशाह पथार्थ वादशाह नहीं कदला सकता । ..फिर विदरके किले पर घेरा पड़ा मीर यह पफड़ा सा कर इसके भनुसार यमोसे सलाह कर मिघ राय मादमी 'दिल्ली भेजा गया। इसके छुटकारेके बाद कुलवर्गाके जफर, भेजा गया । उसने सिपमें अपने नामके साथ पाटोमा • खाके भतीजा भाली शाह 'बागी हो गया। पद पुल का नाम दया कर वोचमोदको पराकाष्ठा दिखाई थी। तानको कृपासे तहसीलदारफे पद पर नियुक्त था। यहां सन् १३४३ ६०में मिस्रसे हाजी सैयद सर्श पलीफा. फौजोशी गृहपड़ी देख यह कुलपके सरदारको और की ओरसे सन्द और सुलतामफे लिपे सम्नानाद विदाके नायवको मार कर स्पर्य यहाँका राजा बन गया। पोशाक ले कर पाया। इसके बाद मुलताने भी लीफा पुलतानने इसका दमन करनेके लिये फत् लुग प्रांको का सम्मान बढ़ा कर दानी राजप यकोंको मिन्न भेगा भेजा। भातमें माली शाह पकड़ा जा कर दिली भेजा था। सुलतामके इस तरह मधीनता स्वीकार करने पर गया। सप्लोफाने 'पलोफाका मददगार'को पिलमत दी यो। . पहले ही कहा गया है, फि माइन-उल-मुल्क अपनी स्वर्गद्वारीसे दिल्ली लौट माने पर उसने एक पार रिताके लिये वागी हो गया। यह अपनो फौजको फिर येतीफे काममें वित्त लगाया। इसके बाद देश बढ़ाने लगा। इसी समय मुलतानका प्रियपाल मालिफ मुगलों पर मधिकार करनेके लिपे करियर हुमा। इन सुलतानके भय से स्वर्गद्वारी में अपने परिवार और फोनों दोनों कामोंमें 'सुलतानने बहुत धन आर्य किया साथ पा कर रहने लगा। किन्तु फिर शीप दो उसको या । भाताना दिलफूल माली हो गया। अब पद 'यह चिन्ता हु, कि कहीं सुलतान पक कर हम लोगों नमानेको भत्तों करनेका उपाय योजने लगा। साप को जान ले ले तो कोई आश्चर्य नहीं, उसका यह तो हो फौजों को बड़ी उगति की। दुरीको दमनके लिये काम दी है। इस भयसे माइन उल-मुल्कफे साथ! उसने कई तरह के मान कानून बनाये। फिर उसके

मिल जानेफे लिपे एक दिन रातको ही अपनी फोजोंके मस्याचारसे प्रजा वागी हो गई। इससे मुलतामझा बड़ा

साथ ले भान-उल-मुक्को यहां पहुंचा। अब माइन नुकसान हुमा। उल-मुल्कका बल मौर साहस और भी बढ़ गया। । देवगिरिके नासक फतलुग गां राजकर वसूल कर

... इन दोनोंने नदी पार कर सुलतानको फौजों पर बदफैली में एक रहा था। यद दे कर पुतानने

..मानमण किया। सुलतानको फौजको पद पात मालूम उसको यहांसे दटा मजोग दोमर नामफ पर मेरी म पो। फल यह हुमा, कि मुलतानी फौम सतर्फ हो कर जातिको समूचा मालयाका गासर बनाकर भेजा। ..पुद्ध करने लगी।, भन्तमें मालिक अपने मागे साथ मुलतानने पुनटुग सांके डोरे मा मौलाना निगम- मारा गया मीर मान-उल-मुलक गिरफ्तार हुमा। दोनको मदोंचसे पुला कर गिरिफा सोल. कितने ही सिपाहियोंने सुलतान अत्याचार मपसे । दार बनाया। मयिकी निगाम तपा.मोपटक “ग में फूल कर अपना प्राण यिसन किया! मुल। मनोसके शासनसे प्रमा अस्पात गोमये • सामने भाइनको माफी दे फर किसी उप पद पर निपुन्द रायमें फिर भसन्तोरका राय पिणा दिया। किया.. ... ... ... .. मगरीमें मनोमने विदेशी मोरोंको पदमा पर करल