पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/१४१

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महाचपना, पहाजनो फल, मूांमूल, नालुक, देवदाग, सरन्दकाष्ठ, पप्रकार, मूल, विफला, रेणुरु, देवदार, परमादुर मालपणी, बसयमकी जद, धयका फल, पलसोट, रताअन, मोगा, तगरपादुका, हरिद्रा, दामहरिद्रा, ज्यामन्टना, पनन्नमूल, मिलारस, पाला, मनीठ, लोध, साँग, ओयन्ती, प्रियंगु, प्रियंगु, नीलोत्पल, लायनी, मनोद, पन्लोमूत्र, गगार. कपूर, इलायचो, कुंकुम, पमगर, रास्ना, जैयो, सोड का पीज, नागेश्या, ताकिापस, हतो, मालतीका नय. और धनिया प्रत्येक ४ तोला। इसके बाद (यातरोगोता) पुण, विद्यापिठयन, फुट, रतवन्धन भौर परमान महामुगन्धिन (लक्ष्मीविलास) नेलफे गम्घश्य द्वारा २८ यस्तुओका घर ! संपानिपम गुनपाय करना गधानियम इस सेलका पाय करे। पाक हो जाने पर होगा। इससे ममी प्रकारका मामा और उन्माद उसे उतार कर कपड़े से छान ले ! वादमें अपरमे पुछ रोग नष्ट होता है। पा गांगी दमाको दूर करनेवाला कुकुम, मृगनामी और कपूर डाल दे। यह रेल यात तथा शुभापक माना गया है। प्रतिदिन २ तोला फरक भौर पित्तदर, वृष्य और धातुपुष्टिकर माना गया है। नया गौर कुद्ध गरम पानी, साथ सेवन करनेमे बन राजयक्ष्मा, रक्तपित्त और धातु दुर्घलतासं उत्पन्न रोगोंमें उपकार होता है। इस सेलकी मालिश करनेसे बहुन उपकार होता है। महाच्छद (स.पु. ) मदान, एदः पनायादेपताल महाघपला (सं० स्रो०) आर्या छन्द । इमफे दोनों दलोंमें वृक्ष । २ पदर पर, दाधीचंद । 'चाला छन्दफे लक्षण होते हैं। महाच्याय ( स० ० महनी आपाय । १ पटयुश, महाचमु (सं० स्त्री० ) सेनादल, याहिनी, फौज। पटका पेट। (वि०) २ पहनायायुना। मदाबम्पा (सं० स्त्री० ) जनपदभेद, एक देशका नाम। मदाछिद्रा (मन्त्री०) महाशिमम्या महामना । महाचर्या (सं० स्रो०) घोधिसत्यका अयलभ्यनीय जीयन (त्रि.) २ चिम्युन बहा हिदायाला। (को०) पथ। ३ पायमत्यरूप नयादार, गरीरफा मवद्यार। महावल (सं० पु०) महान मचला। महापर्यत, बहा पदार। मदाज ( स० पु० ) मदांश्चामी मनश्चेति । १ हयाग, महाचार्य (म० पु०) १ मावापतम । २ शिय । ३ गत- पदाधकारा। (वि० ) महतो जायते इति मदा जग विधाविजय और चएडमायतफे प्रणेता। । कर्नरिए पोदरादित्यास् साधु । २ महापुलोद्भग महाविता (म० पी० ) पा भप्सराफा नाम । 'मिसका उथ फुलमें जन्म हो। महाविसपारल ( म०लो० } गुन्मभेद । । मदासरा ( मनी०) महती साटास्याः । परामरा।२ मदाचीन-१ चीनसाम्राज्यका विशेष । २ उस देशका युदत् जटा, पदो जरा। रहनेयाला। मदानयु (स.पु.) निय, महादेय। . महायुचु (मपु०) पृहन्यु शुक्षप, बदो चिनियारी। महाजन (सपु०) मदनामोरनि । गा। महागुन्द (स०ए०) योर संन्यामिभेद। । दा विभिन्न सामना नासो मानिसमा नमिना मदानृा (सरलो०) सपको एक मात्र साका नाम गारर राय या महामना मेन लग Ran" महारत (स.पु.)मदारामार | (भाग २१११२) महाचैतसत (स'. ली.) पृतोपविशेष । प्रस्तुत २ धार्मिक, दे पापो सान्दु धौर मातापत्र प्रणालो-कादे लिपे गणयोस, निसोपका मूल रेलो.! प्यनिः। ३ मग्यादि। पमो, पनि दौलम ५TH. का मूल, दशमूल, रास्मा, पोपर मार सीदिननका मूल मन, गापे मे देन देन फनिशाना समि मरपेक २ पल, पाका जल ६४ पेर, शेत १६ सर, गर्ग- बनिया। के लिये भूमिफुमाएड, मुलेटी, मद, महामेद, काकाली मानी ( Eि0) : ये गा देना माय, शोकाकोली, धोनी परफारम, दाम, मतभूली, सादोपुर | सारकी मिलिमी का रस, गोखमार माल मेमोन बाल काटीका' मा गदि मगाई जानी लिमिदामा Vol. 'xVII. 33