पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/२३२

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पहाराष्ट्र मौर अमलाको कोमिनमे म राज्यका मम्नित्य माहम्मदको परवाह न को, न दिया I TAR माता रहा। पफ एफ करणे. उन सबके लिए पुर प्रारम्भ शि. हमारगादी या पहने जुन्नरपं. भन्नगंत गिवनेरी दुर्ग (महारा इस घन आदिपुगर एक तेलगू ग्रामण थे। विजय ! जोका जन्मस्थान में प्रेग शाला । Farm गगरके राजाका पक्ष ने फर युसपै. समय पे बासनीपंग मेघ कायम रहा पर फिर भी मगाठीने पाriet के सुलमानकी मेगा हाग पो गये थे। उन्हें नहीं किया। मालिक मामलने पर लोगो भो सपरियार मुमरमान बना लिया गया था। सक्षम ये पिशोहमपराध पर क्षमा प्रमान यग्नेको प्रतिशतको फरोह उता नामले परिचित हुए। ये अपने कार्यदक्षता मराठोंने विरोध त्याग दिया। पीर पुरन्दा मनोरअन गुणफै बल पर माम्मद गवान. प्रियपाल हो गये और गन्दनयन्दन, मोदगढ़, मोरणा मादिमहाराष्ट्र प्रधान माद उन्मुल्क. उपाधि मार कर वरा मातफ मयेदार के हस्नगत हुए । राजापुर तक कोपदेश मा रहने बन गये। १.४८४ में 'फनेह उगाने 'माद नाह' नाम जीत लिया। म्याधीनता लामो पलेसे गुग्नाम रहने । धारण कर स्वतन्त्रताको घोषणा पर दो। इफे यंशधर थे। मामने अपने नाममाधान गर्न गए अधिषा दिन राय न कर पायेगे। अहमदनगर सुदे. मुशामन प्ररित किया कि, लोग माटोको मूटों पर दार ही इस यंशय ध्वम दोनेके कारण हुए।(१५७२, सोना यांध कर माश्य मापसे गादशहा शापामा थे। १४८६० इन्होने यामगोपा हमामा निजामशाही राजांगा अधीनगा मस्यीकार कर यो बोलनाबाद गौर जुन्नर म दिमप्पा वहिक ( भैरय-हिरमो) नामक एक ग्राम दोनों गोम विदुर मामक एक मारा था | उग Urmiy' विजयनगरमें पास करता था । इमादशाही बस उन्होंने विशाल नगर पना दिया। उरपं. गागार . सादिपुरुषकी तरह उम मााणका लटका मी पुस्में , नगरका नाम महमदनगर पा(१४८४६) nee पकड़ा जा कर मुसलमानों हाय कैद हुमा मौर मुसल, मदने निजामशाह' उपाधि प्रहा करपे. राज्याम मान बना लिया गया। यह प्रामणका लड़का बादमें : करना प्रारम्भ कर दिया। इमपं. समान सन्दिपला , मालिफ मायर निजाम उल मुल्को नामले परिनिन । मुसलमान समास उस मरा को । मा । महम्मद गवानये काकादमे मापने ' यस मारा पिपादकी मीमांसाका मार्ग माय . उपद प्राप्त किया था। मालिक नायर दुव मानिम य प्रतिभा 1 फE म्या हा