पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/२६६

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२३६ पेयल यही नहीं, शादी सनदो अनुसार पुप्तर- यादगाहमा दा पूर्ण किया था और पा गुहः . भारतमें चीप उगाहनेको क्षमता मरहको महो यो। मा तक ममान देशोस पौध पगुन कालो re सिमे पाजीरायो पूर्य ममम मारतमे घोय पाल करने की। दिल दगार मर मिश. मारे ग्यम : फो कल्पना सन्य किसीफे, मस्तिको उदय गहा । हुए। पेशा दो। पौर श्रेष्ठ यामीरायने हो मर्यप्रथम समान मारनयको महाराष्ट्र गाम-EN! . चौथ प्रयाफे मूवमें भापरा. फर कन्याकुमारीसे हिमालय वासोरायनं जिम मोतिका भयमापन कर काwin के निप्पर पर स्थित 'यटक' तक समूचे देशको शान्ति । किया था, उसके फलमें महाराणा WHAT रसा पा शासन मार पालन करनेका भार वहन करनेको सामन्तमएडलको मुष्टि हुई। इस मागनमा महनीय माकांक्षा को धी। महाराज नाफे मन्त्रिमण्डली महरेजोम ( The Marathit Cametesnny ) सहने गौर नौ याजीरायको इस महती माकांक्षाको देश है। कनफेडेरेमी कदस मामसका माप महा जाम चकित स्तम्मित हो उनको इमसे प्रतिनिन करानेको होता, फिग्नु पदले पदल जब पर मएER Im चहा करगे रगो। किन्तु पाजोरायने यह कह कर मर ! दुमा, तब उसमें राममएलको अपेक्षा गागा . हलों में उत्साहानल प्रायलित किया, कि भारतमें दिन्छ । का भाय ही अधिक महाराष्ट्र राज्य En* प्राति मोर हिन्दुधर्म का पुनः प्राधान्यकी प्रतिष्ठा करना प्रधान मन्तीफे Fi पाउला in frमा सौ. विद्यमी शासनका न करना प्रत्येक महाराष्ट्र : सामन्तको पदम करने का अधिकार पेया सन्तानका आवश्यक करंश है। इसके विपमें महाराज' पीछे फेन्द्रगति सुकर होनेसे सामन्तीने . गारफे दरवारमें उन्होंने मोमसिनो भाग जो भाषण स्पतन्ससाका अपाटम्यन किया । नियम. किया, उसको सुन कर समस्त महाराष्ट्र-सरदारों ने एफ. आठ प्रधान को बदले में शिम तरह नमको मत हो कर भारतमें हिन्दूमाधान्य स्थापनमें भप्रसर सृष्टि हुई थी यह शिक्षामपि पाठकोंग form महो।' होना दोभाना कर्मथ्य स्थिर किया। शियानोप. द्वारा महाराष्ट्र विकासका यह मन माम पदने पास प्रयतित चौn प्रथाको महायतासे मारतय हिन्द को जादुमाये वरपारमै मालाराने जी SAIR या साम्राज्य स्थापन के लिये अप्रगमन मोतिका (Puriran m. TAमर करना होगा। polic. ) प्रचार ही यासोरायके चरितका विशेषत्य है। ananeri AMARI स नोशिफे अनुसरण करने सारे मरहठों को पता : मारहाफ मा वाम पता. मनपान गुमर सूत्र में बांधना हो उमफे चरित्रका प्रधान महस्य है। मरठे अानो, यातना पाहाय प भार उसो महत्यमे प्रमावसे दिग्गुस्लाम मी पर्व पर्यन्त पालातो यमाको मे पास Ark दिगुमानधाय परिरक्षिम हुगा था। माम्यनगंगाग्निहोना । म पार मा. महारा माटुको माझम पालामी विश्वनायफ. पुस ! यकी उनि निकम या प्रशासन पातीराय लिपतिको दी हुई समद दापी ले कर फार्प समस्याबास गाने funi क्षेत्र मयतीर्ण हुए। मरकम दक्षिण रामेपर सारा पतित निपमानाको गमरण कर fral मा भूभागमे हिमालाय निधा करने लिये : सा. मग गिदमे भी भाra anil र ' स्श यामिको उन्होंने उसमाहित किया । सो गरिनुपम पो पार दो बार ARkar... समय दाक्षिणात्य निमा उल मुलापन प्रमापारिपन तिमाही में बधे रहने पर मन मों हो । मामी कुरिनतासे या परफोडी मागिर होगा। मुगमन नमिता पमा Intm फन टीम को पार गृहणिपाद उपपिरमा अधिकार माग पो और n . पा। किग्नु रायने गुलाम उगा और शिशा गंगार दर REमा नहीं | I n