पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/२६८

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महारा मंगल यही नहीं, माही ममदके अनुसार उर- : दादगारका द न पा था भी प र मारनमें गांप उगाहनको क्षमता मरहठौंको नहीं हो। मदा सर ममान देगास गाय पान करम EAREE. एममे पानीराययो पूर्व मम मारतसे चौग घमूल पारने को। दिलो दरपार गौर नाम मारे TET को कल्पना अन्य किमीपे मस्तिरको उदय नहीं हु ए। पादरो।। पौर श्रेष्ठ पाजोरायने हो मर्यप्रथम समन भारतयको! महारा गाय-मITI गीय प्रयाफे मन गायन कर कन्याकुमारी हिमालय- वामोरायने निमनौतिका मान कर Cire . पंनिर पर स्थित 'गरक' तक ममूचे देशको शान्ति । किपा था, उसके फरस महाराष्ट्रगमे या मरिगए रक्षा या शामन और पालन करनेशा मार बहन करनेको सामरतमासको गठि। स सAAREERIT महनीय भाकांक्षा की थी। महाराज शाफे मन्त्रिमामलो मरेशीम (The Maraths comlederineeta भोर फाँड यामीराय की इस महतो मायाको देगा। है। फगफेरेमो फदन मागमा भाय नहीं . चकित स्तम्भित हो उनको इममे प्रनिनिरन करानेको होता, सिग्नु पहने, पदन जप यह मR Pnre: प्रेधा करने गो। किन्तु पाजोरायने यह कह कर मर ! हुमा, तब उसमें रामलको अपेक्षा मानन. हठों में उत्साहागल प्रायलित किया, शि भारतमें हिन्दू का भाप ही अधिक। महाराष्ट्र राम CARTS शक्ति और हिन्दधम का पुनः प्राधान्यकी प्रतिष्ठा करना। प्रधान मनोफे को माRin in frri" सौर विधी शासनका मन करना प्रत्येक महाराष्ट्र सामन्तो पदन्पुस पारका गधिकारयामा सम्सागका भापश्यफ फत्तण है। इसके विषय में महाराज' पोरे पंद्रगनिफेदुल हो ग nro माटु दरबारमें उन्होंने भीमसिनी मापा जो भाषण स्यतन्यतामा गयलम्पन font या famis किपा, उसको सुन कर ममम्स महाराष्ट्र सरदारोंने एक । आठ मान मरने शिम माद मनूतम माRi मत हो कर भारत में हिन्दूमाधान्य स्थापनमें प्रसर , मुष्टि योगद महामनिय पाटकोंगे जियो। होना ही आना कश स्थिर किया। नियाजी द्वारा ' महाराष्ट्र इतिहासमा महमं मममम पदले पायो प्रयतित पाn प्रथाको महायनामे भारतयप हिन्दः को जादुमोके प्रयास या शो EAREATRI साम्राज्य स्थापन लिए भगमन नीति का (Forwaril था, उमरा स्मरमरना होगा। mine ) प्रभार ही यासोरायके चरियका विशेषस्य है। A MATो । इस नौगिफ भनुमाण करने में सारे मराठों को पता भारहजेर गाय गेमपत परम पुमा मन में गांधना हो सके .मरितका प्रधान मदत्य है। मरठे अपनो म्यान ए र दमो मददयफ प्रभाव निम्नागमें मी पर्व पर्यत : बालाजी भ्यताको मन मा पर द्विग्नुमोका प्रधान्य परिरक्षित दुमा पा!

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___मारा गायुफो माना पालाशो विश्वमा पुन: की उमतिर शिप मि RATE I m पासोराय दिलीपतिको दी मनद सापकर या. ममम्या पातो.गामा TETTrinni समें भपतोर्ण हुए। गटकरी वरिण रामेश्वर amशित नियमामा मामी मम ममागमे रिमाम्राज्य प्रतिएर मे लिये ! शर मागिप गोमdian Mig स्पसमियों को उन्होंने उत्पादित किया । इमोशनुम पोवादसे पार होने देगा. समर दाक्षिणात्य निHIR TO गुलक बहुन प्रतापारियत , मिरी. पी मर हो । उनी कुरिलतास या परफोटो भौति । मुममा भिसा mere inter फरमाहटो का पार गृहविराम उपस्दुिमा furs माभग पोस का भीर पा। वियागोगपने गुदाम रममा मोर दिसणे, मोडाhi AIRAT A next .