पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/३३

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मल्हारराव होलकर-पशक यशोवन्तमें विवाद खड़ा हुआ। आखिर अहलावाईने | मरिणा ( अ० वि०) लिखित, लिपा श्रा। उनकी यात न मान कर तुकाजी होलकर नामक मल माजिव (अ.पु.) नियमित मात्रामें नियमित समय हाररायके एक प्रिय सिलेदारको राजसिहासनका उत्तरा पर मिलनेवाला पदार्थ। -धिकारो पनाया। भय राजसिदासनका मूल होलकर- मवाजी ( १० यि०) अनुमान किया हुभा । इस शब्दका राजवंशसे निकल कर स्वतन्त्र घरमें जा लगा। तुको प्रयोग रुपये और गांवके यशोंका घोतन करनेके लिये जीके काशीराव, मलहारराय, यशोयन्त और इतोजी। होता है। नामक चार पुत्र थे। मयाद (म० पु० ) १ सामग्री, सामान ! २ पूय, पोच । होलकर-राजवंश ३ दुर्ग, फिला। ४ दुर्गके प्राकार पर उगा दुया पेड़ । १मलहारराव होलकर। मयासी (हिं० सी० ) १ छोटा गद, गढ़ी। (पु.)२ २ मल्लिराव । । गढ़पनि, किलेदार। ३ प्रधान, मुखिया । ३ तुकोजी होलकर। मवित ( स० लि. ) मय-कर्मणि-त। यद्ध, पंथा हुआ। .. ४ काशीराव। मवेशी ( म० पु.) पशु, दार।

५ यशोयन्त।

। मवेशीखाना (फा० पु.) मयेगी रखनेका पाड़ा। ६ मल्हारराव २य । मश (सपु०) १ गुन गुन् भन्द। २ फोध । ३ मच्छड़। ७ हरिराव होलकर । मशक (सं० पु. ) मशति ध्यनतोति मग अच, संसा मल हारराव होलकर-इन्दोरराज तुकाजी होलकरफे . कन् । १ कीटविशेष, मच्छर । पर्यायल्यग्रतुण्ड, पुत्र । १७६७ ई० में दौलतराय सिन्धिमाके साथ युद्ध सून्यास्य, सूक्ष्ममक्षिक, राविजागरद । माया गियारफ • इनका देहान्त हुआ। धूप यह है,- मल हार राय दोलकर २य-इन्दोरके एक राजा, फमार्जुन पुगारिण भन्लातक गिरीपरम् । राजा यशोवन्त राब होलकरके पुत्र । १८९१ ।। माना सर्जरसश्चन पिडा चैव गुग्गुलः । ०में पिता यशोवन्तको मृत्युके याद ये इन्दोर एनेमक्षिका मशफान विनाशनम्॥" राजसिंहासन पर अधिरूढ़ हुए। महदीपुरका युद्ध शप (गड़पुराण १८१ अ.) होने पर पटिश-सरकारफे साथ १८१८ ई०। इनकी एक विफला, अर्जुनपुष्प, भल्लातका गिरीप, लाक्षा, सन्धि हुई। १८३४ ई०में ये परलाकको सिधारी। पीछे सर्जरस, विङ्ग और गुग्गुल इन सब दोको एकत कर - उनके दत्तक पुव मार्तण्ड राय राजसितामन पर ठे। धूप देनेसे कोट और मशकका उपद्रय शान्त होता है। किन्तु हरिराव होलकरने परयन्त करके उन्हें गद्दोमे सुध्रुनके मन मशक पांच प्रकारका है-सामुद, परि उतार दिया। हरिहररायके बाद एडेराव इन्दोरके ' मण्डल, हस्तिमार, राग और पार्यनीय । इनके काटने. ' सिंहासन पर अधिष्ठित हुए। उनको कोई पुत्र सन्तान में शरीर खुजलो होती है और दाने पड़ जाते हैं। न रहनेसे इट-इण्डिया कम्पनीने मुलकरजी रायकी। पहाड़ी मशरुके काटनेसे काटे हुए स्थानमें प्राणनाशक सिंहासन पर विठाया। कोटके काटगे सा लक्षण दिखाई देता है। मयफिल ( १० पु.) १ अपनी ओरसे यकील या प्रति । साधारणतः मशक दो श्रेणियों विगत स निधि करनेवाला पुरुष, मुकदमे में अपनी ओरसे कचहरी (Guit) भौर द्वांस जातिका कीडाविशेष । इनके घा न्यायालय में काम करने के लिये अधिकारी प्रतिनिध्रि । सिर्फ एफ ईक होता है। उसी कसे अन्यान्य प्राणियों नियत करनेवाला पुरुष । २ किसी को अपना काम सुपुर्द को कारने है। मशरफे काटने से बहुन पोढ़ा होती है। फरनेवाला, असामी।

हारका कारण यह है कि ये ऐकसे जदरको गांउसे जहर

मयर (सं० पु०) यौद-मतामुसार एक बहुत बड़ी संख्या। निकल कर चुभे हुए स्थानमें प्रवेश कराते है। Vol. AvII. B