पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/३४२

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मन ११ मामाने अपनी यिपुर पाहिनियों मारा दिन मुमुल संग्राम | अ . मे. माय मेलाप निकटग. शासनार पर्यंत पर विराजित मद हो विपी हुआ । दिन्दुओंको मृतदेहसे . निन्दा दुर्ग पर यामामप्प किया । यह इमका न। उपत्यका भर गई। माझमण था। यह गरन् कालमें गानासे पटा । जप निन्दनफे युद्ध मन्दिरमें महम्दको पर जिला मातफे सीमाल पर गिग्सिट माया, नय उसे बडे लिपि मिली थी। इमसे महमूहको मानम दुध मंकटका मामना करना पड़ा। पोंकि सीमान्त पर: कि यह मन्दिर उस समयसे ५०००० पालेका पहुंचनेमे उमने देना, कि पप तुपाराच्छा है। पारसे बना है। किन्तु मुसलमानों धर्म प्रयास मानसार यकी मौन रस नगह क गई थी, कि लता, गुलम, पसः मात पृथ्योकी गई। इससे मदमूदको पदमा नद. मदी, मील भादि किमी नीजको योज करना ठी प्रतीत हुई। इस मन्दिरमें भी भगार in असम्भय था। महमूदफे अंट और सैन्य अड़पन् हो। थी। इसे उठा कर महमूद गमो ले गया। गपे। दिग्मण्डल मूफान मादिसे परिपूर्ण था। फिसी. सन् ११४ १५०में इसका १०यां आमनमा को अब दिशाका भी शान न रहा । फिन्तु महमूदका पहले ही महमूद सुन चुका था. भानियों गाने मादम नहीं हुटा। यह उद्योग करता हो रहा । ईयर मन्दिर बहुत यिष्यात है। शानेश्वर राजा. पासपो . पर मरोमा कर उस जंगल और पदाहको पार करने सिंहली हाथी हैं। इसका वर्णन करता दिन है. लगा। वागेही सैनिकों को कई दलोंमें विभाजित : उसके पास कितना धनभाएद्वारा I इसमे . कर एक पा सेनापनिके हवाले कर दिया। निन्दनरात ! यिकलता। सुन पद पाते सुगते हो भन योगाप पुग सयपाल निगुर भीमपाल नामक मुदश सैनिक महमूद यानेश्वरको ओर चल दिया। गोमा TI आय दुगरक्षाका भार देकर माप काश्मीर पधारे। आनन्दपालको पर्यफ लिपे रसद और लनेके दिये मोमपाल एफ खोटे दुर्गम पपसे अपनी फोजोफे साथ : सैनिफ जुटाने के लिये पर लिया। आगगाल उपयुष, निरिसरफे करीय मा पर घेरा डाल कर पैठ गया। मह रसदका इम्तमाम फर दो हमार सैनिकोंकि माध माने मूद या गया । इमने इस ममय युस करना उचित : भाको गनगी महमूदफे पास भेजा मौर. कदा, fram मसामयाद पर्यत पर चढ़ने लगा। इस मफगानी कर मेरा यसमा कागा किशानेश्वरहित मैन्य बकरोंकी तरह पर्यत पर चढ़ने लगे। यहांसे माफ पयित मन्दिर है। यह उपासकोंको उपागनाया पामास गानी सैन्य भीमपारसके सैनिकों और हाथियों पर तोर उपासमा स्थान है। गाय माप उस पर भाप करना। परमाने तथा परभर फेकने लगे। कई दिन तक प्राण- फा एमाल अपने दिलसे गुला-सापकी उमर. पण नेश फरफे. मी अमगानी भीमपालका पिशेर कुछ रूप यदुतरे मणिमुक्ता उपहार मात्र ५.दामा मसि. विगादन म । अन्तमे महमूदको फापुरुषनामे मिल कर वर्ष मे गायेंगे। मामपारने ममतल भूमि युग करनेके लिपे तम्यारो महमुद मका उता. पोलिसा , 'ratri को। इसी प्रेमी इसकी दोनों पगलोंकी रक्षा करने प्रतिमा शोइन नि हो in सम्म हुमा है।' रगी। भपदुर गुवमा । महमूदने दार सानेक गपसपर मुझे ऐसाद उप दिपा । म.पुरrrir.. मपणे सैनिकों को पर्वत पर घर जाने का मादेश दिया। स्वरूप मुझे म्पर्ग मिलेगा। फलता पाने-मामी , वहांये ही ये मामपाल पर तीर बरसाने सगे। महमूदका यह दिल नहीं हुआ। या भाबु भानु पाप हो गुकाना। म. पद सभागार दिली को दिया गायो। उमको प्रान-संकटमें) में मदसा पिस भारत nari aien m a राको घणा इसहा उaार: गायि युरो मायोजन होने पर होगा