पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/३८६

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पाटाम्रर.पाटेरन मारा (१०) मारायः मानः समः । शरमेन में शानामे मिलनेपाली एक प्रकारको कपागा RTE पेट। फल पार कपास यहुन निम्ममोदिको मानी जाती है। गारिपा (म.. हुगली जिलेर एक नगर। मालेग्न-दना प्रदेश, थाना जिला एक पहाड़ी मारिपाया-चानक मिलानगंत मामिया मिलेगा। मायाम। यह मशा० १८८30 या देना पररक्षिन यनमा|| पुलसी नदीफे किनारे फुकरमारा, ७३१६० पाई गहरसे ३० मोर पूर्वी मnिki गाय गहांको कोशी पाहत है। ममुपएमे इसको अंग २४६० पुट है। १८५०९०. मारी ( मो.) पर्णफलशिप, पानको टो। में मि. मालेरने पाreph.लि सोगी मान मारो (दि. ० ) १ मिटी देगा। २ माल भरको . पर यहां एक म्यास्पयाम वनगाया mI. जोगाई या उमको मेहनत । ३ धून, रज । ४ शरीर पशिनगघाट पपंत परदेशमे भनि रहने वह गम तस्यों भन्तर्गत प नामक तरय। ६ कारण म शानका प्राकृतिक मी बन ममोहर है। मृत गारो,लाग मामी श्यामल शस्पक्षेत्र और उमिम एस ममुद्रा माट (दि. पु.) १५ प्रकारको मिठाई। मैदेको मोरो मुर्पको फिरपास प्रनिमात होकर पर. गानों को मोर पड़ी पूरी पका कर शकरपं. पागमें जो पकाया जामा माफूट करता है। मटाया म. (मारा:मासको दया देउसीको माद कहते हैं। यही मिटा अब छोटे विचरण करनेवाले दर्शक शय उप स्वागस गांचेका मोर याफार पना जाती है तब उसे 'मठरी' या टिकिया ! रिपात करते है. तम 3 यद ममतामर पुटिरे में कहते हैं। मिट्टीका पाय जिसमें कोई ताल पदाका दियाई देता है। जैसे जैसे सूप ऊपर उटी आस मरा शाप, मटको। ३ सुमिरणशाफ, सुमना सामे येमे पर्यत पर अतुलनीय शोमाइरिगोगर हो। माठर (0 पु०) १ मूके एक पारिपायिक जो यम माने और सूर्यको किरणमानारो कुहरेक दूरदो जाग यह आ । २ण्याम | ३ थिम, प्रामा। नौगिक ममतलक्षेत्र पुनः उन्हें दिखाई देने लगता है। . . फलाल। इस स्यास्यपास चारों भार बहन गरिसानु माटर ( मातर)-1 वर्मा प्रदेश. मेरा मिलेगा ! ( Points or headlands ) में हुए हैं। उपगिमाग । भूपरिमाण २१७ वर्गमील है। ___ यहां काफी पर्ग पर भी गौरमास, परमे २पन विभागका एक प्रधान नगर। पद मक्षा बद्दयालो किसो मो सोम्यिनाम शल गदा दना । २२४२३० देशा० ३.५. पू.के. थोर पता सिर्फ पूर्वभाग हारिमा और शिम मार मार यहां धायक पागियोंका पर प्रमिस मठ (मन्दिर) पर दागहों माम जल रहा है। उस MIRE जर विमान। जनसाधारण पनि मरे ला पहला माटर माना-मारिकातिक प्रणेता। ध्या विरफुल प्रकोप नही है। प्रथा भीर मसर माटर (म.लि.) माठरमापराधोष । मागमें ना पनि जग माग राक को मारहा माटरायण (म. पु०) माठरफा गोवापस्य। : मन्नोमी है। किमागिल गगक असर tril माटम(.) गजलला मारक पनि विक: साम्प्यासा गुन भार मपुर है। ग्रा पर in मायका एक माम। पाय मशरसा मी का । यह गरेकी माटम (म.पु.) मदा गावापरय। ___.. फे. गाने लिपे हार, मागे, ना. fai. माठा ( पु.) १मा म्ठा गौ। २ पण, यंगला मादिमीर। बादामा परफे गिम्य शरा। प सार फर मांग जानेपाना एक प्रास माठी (मो .)मोदयम्र्म, दाना रिमाईमा है। यहाँ cine, wir पार मालो (R ) पान, भामाम मौरपुर प्रा. नामम मानिranti