पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/४१

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पसजिद ४. दिया गया । आज वही मसजिद महम्मदो धर्मक, (५) दमकको मशहर मसजिद-७०८ में बनी। विस्तारका साश्य प्रदान कर रही है । कहीं। यहाँ ३६५.४०८ ० थियोदोसियस धारा गटानोंको कहीं तो अट्टालिकामोंके वीचमें पड़ कर और । एक धर्मशाला बनाई गई। इसके बाद ६३६ ई०में दगम्भ- गठन प्रणालीको न जाननेके कारण ही मसनि । नगर पर अरवोंका अधिकार हो गया। उस समयसे साधारण मसजिदोंसे भिन्न रूपमें बनी हैं ।। ७०८ ६० तक यह धर्मशाला गटानों और मुसलमानॊके इन्हीं कारणोंसे कायरो नगरको गृहसंलग्न मसजिद और व्यवहारमें थी । इसी वर्ष खलीफा यलीदने इसको भारतवर्ष तथा यूरोपीय तुर्कोको प्राचीनतम ध्वस्त ' तोड़या कर मसजिद यनवा ली। . कीर्तियोंके उपदानोंसे बनी मसजिदें एक स्वतन्त्र तरह. (६) कडेसिरकी मशहर मसजिद-सका काम की हैं। सिवा इसके जिन देशों में मुसलमानोंको कीर्ति- ७८४ ६०में पलोफा अबदुल रहमान द्वारा आरम्भ हुमा ध्वंसका मौका नहीं मिला है, उन देशोंम ओ मसजिद और ७६४ ई०में उसके पुत्र द्वारा सम्म हुमा था। इस वनी हैं, घे ठीक मशाको मसजिदोकी तरह बनी है। समय इसका घुछ अंश स्रष्टानों के गिरजेयो रूपमै परि- भारतसे फर्दोवा और सीरियासे मिस्र तक भरवी तरीके- णत हुआ है। से धनी अनेक मसजिदे दिखलाई देती हैं। मरुभूमिका, (७) मित्रको राजधानी कायरो नगरको अहमद इन देशमें रहनेसे महम्मदके चेले शिल्पका काम जानते ' ईयन तुटुनको मसजिद । यह ८५६ ई० में बनी थी। नहीं थे, इसीस भरवको मसजिद माम् ती तौर पर (८) कायरो नगरको उल अजहर मसजिद-सम् बनाई गई। किन्तु जब उन्होंने कई देशोंको जीत लिया ७० मे घनाई गई थी। यहांके मुसलमान धर्मगुय- . और जय यूनान, रोम और पुराने भारत साम्राज्यके का खिताय वैशेष-उल-अजहर। यह एक हजार रुपया कला-कौशलका नमूना देखा, तबसे उन्होंने पान्वित हो । महोना पाता है । यहां छालोंको पुरान, धर्मशास्त्र, कर मसजिद यनानेको परिपाटीको बदल दिया। मुगल , न्याय, दर्शन, काथ्य, अलङ्कार, हकीमो आदिको शिक्षाये यादशाहोंके अधिकारमें भारतीय मसजिदें वास्तुशिल्प- मिलती है। को चरमोत्कर्षता पा चुको यो । जेरुसलम और दमस्क, (६) पुरानी दिलीकी बड़ी मसजिदयह सन् को मसजिदोंके कांचके 'मजेक' पूर्वी शिल्पके नमूने हैं।। ११९६ ई०मे यनी थी। इसीसे ये प्रनतत्व विभागके भादग्को घस्तु है। किन्तु ऊपर लिलो हुई समी मममिदं प्रायः एक फायदे कुछ लोग इन्हें चाइजेण्टियम्यामी वृष्टानोंके शिल्पका बनाई गई हैं। मिया इनमें मुसलमानी रियासतों में और नमूना यतलाते हैं। भी यहुनेरी मसजिरें दिखाई देती हैं। इनमें,-जेग. ___मका और मदीनेको सरल प्रणालीको अनुमार मुम- सलमकी राम उल-शरोफा, युध्यत-उल शमा, उल- लमानी राज्यों पहले जो मसजिद यनाई गई थी, उन। अपमा आदि उल्लेगनीय हैं।. . की फिहरिस्त नीचे दी जाती है। ___ अफ्रिका महादेशमें इम घेणाकी मसजिदों में फायरों. (१) कायरोकी पुरानी अमर ममजिद-यद ६४२ की मसजिद सपमे बड़ी और शिल्पमौन्दर्यस भरपूर १०में यनी थी। सातयों सेदोके अन्तिम समय में इस हैं। इनमें (१) सन् १३५६.. ५६०में बनी थी, मुलतान की मरम्मत हुई और कुछ बढ़ाई गई। हसनको मर्माजद कहलाती है। (२) सन् १३२०१०में (२) टिउनिस राज्य कैराथान सिदि उपया मस. पनाई गई। इसको सुलतान पालाउनने बनाया था मौर जिद-यह सातवीं सदीके अन्तिम समय में यनी यो।। (३) अलजिरियार्क विसका निकटकी सिदिः यह मूरा स्थान कलाउन मसजिदफे नाममें मशहर है। उपया मसजिद-६८४६० बनी थी। (३) इग्राहिम यागा गसजिंद। (४)सन् १३६0 (४) मोरको राज्य फैजनगरकी रहिम मसजिदः- में सुलतान यक और माटी फॉफ नामफे देने मकबरे । माठयों सदीके अन्तिम समयमें बनी धो। (५) फेरवाना मगदुल्हा बदीयका मायरा। (६)