पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/४४४

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पान-मानवि . . ५साम, गनि। ६ उसर दिनाम पर देशका नाम प्रद ! १० परिमोदः । । १५ मन्त। . . प्रतिष्टा, नित मान-मांप्रदेश मतारा जिलान्तर्गत पर उपपिमाग। "ममाः फनिमित्तान्त गन्धिमिच्छन्ति मध्यमाः। . भू-गरिमाण ६४ यमील है। माननदीफे शाहिने किनारे ' उनमा मानमिवान्न मान मरता मनन् । ददिवाली गाय इसका पिचारसदर प्रतिष्ठित है। मानोर मयसमाने म्लाने भनेन किमानक (स'० पु०) मानं पृहस्परिमाणस्प (रोगनिमा मानस्य भिमेन स्मिा " ४१५४) इनि कप । १मापर,मागकन् । २राब, (गरदा० १५५० १ मेर। ३ मालामन्द। उनम पनि सम्मानको इच्छा करते हैं। पयोति मानकक्षार (स'पु०) मानसम्म क्षार: I मानादएड. . पदों के लिये मान दो एकमात्र धन है। माना । पत्रक्षार, मानकरके दंठल धार पप्तेको गाम करो मूल । जिनकी मानहानि होती है उनका धन और आय! रारा यनती है उसीको मानझार पाहते हैं। निपपोजन है अपम् मानहीन हो कर जीवित रहना मानञ्च (दि. पु. एक प्रकारका मोठा पं जो अत्यन्त पलेगकर है। बगालमे यात अधिकतासे होता है। यह प्रायः तर. ८ अनुरन दम्पतीफे भापयिशेषका नाममान है। पारीफे रूप में या दूसरे मनाजोगे. साग मापा जाता है। "दम्परनोमार एफप समोरप्पनरकया। पार याहुन जान्दो पचता है. इसलिये दुर्यल रोगिपों मादि मामीशालेय नादि निरोधी मान उच्यो।" फलिपे पद्त लाभदायक है। कहीं कही मगरोट या (उन्धल नीलमणि) ! सागढ़ानेकी जगह मो इसका ध्यपहार होता है। माधु प्रिय व्यनिफी माराधसूचक चेष्टाफ नाम मा निक चिफिरमजाने से मृदु, विरेना, गूमकारफ. भोर निय व्यतित जो अपराध करता है और उस अपराध: यवासीर तथा फजियतफे लिये बहुत उपयोगी माना है। लिपे उसे जो मानसिक विकारको उत्पति होती है उसी-1 मा को मान करते हैं। रमगधरो लिया कि यह लघु. यामागे मिलती है। २६ प्रकारको मिनी मो सालिय मित्रोफ मानस मध्यम और गुरभेदमे तीन प्रकारका है। भर चेष्टा द्वारा अपनीत होने को लए फट करके अपनप करनेको मानकन्द (मपु०) मन्च देगी। मानकर-यमान जिले का एक मगर। यह मा० २३ मध्यम और प्रत्यग फएसे जो अपनय किया जाता है। २९४०३० नया देशा० ८७°३०३०"० मासे उसे गुर पहते हैं। जहाँ असाध्य पहा रसामास १० मोलमो दूरी पर मपस्थित है। यह पापियका प्रधान होता। । फेन्द्र, और यहां एशियन रोटी कम्पनीका एक - मापिका मायकलो परिमरी खोके साथ बातचीत ! स्टेशन भी है। पारसे देणे, तो उसे जो मान होता है उसका माग सगु, मला ( Mi प्रविधिना. नायक मापिकापे, सायपासनीत करते समय यदि किसी नहा-अपग। दुमरी नापिकामा गाम है, तो नापिकाको ओ मान मानानि पु०) मभिमान पन्ना पद निपायो उपग्न होता उस माम मपम और मायाफे सम्प, मोटा। मापिफारे मा मम्मोगादि विदेश कर जो मान : भातपि-रामा रामपाल पर कपि । मा दोसा कर नाम गुर है। अगर संपत ITRA मा । ये प्रामापाय माना प्रभारफे फीमादि दाग मान अपनीत । राणा गामि पाया होगा। यादिनारा सामान, नरपार मामलमे ला TER देवदिता माम. गगनादि दान द्वारा गुप्मान गनीत हुमा करता मनापापा म मता राति भोर (mast) मार्ग भनेक टावर