पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/६२१

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मिरिमरण-पिताचार । ५४६ स्कार कर ईसाईधर्मका प्रचार करना आरम्म किया था मितच. (सं० लि०) सङ्क,चित जानु, ज'धेको सिकुड़ाने हिन्दू धर्म और सम्मानको रक्षाको राजधर्म समझ कर | वाला। मिण्टोने पादरियों को उनके धर्मप्रचारमें हिन्दुमोके प्रति मितद् (सं० पु.) मितं द्रवतीति दू कु ( हरिमितयो यः । , निन्दासूचक प्रस्ताव प्रकाशित करानेका निषेध किया था । उण १॥३५) १ समुद्र, सागर । ३ मितमार्ग। ४ परि. इससे पादरी कलकत्ते आने पर वाध्य हुए। इससे , मितगामी, सोमाके अन्दर चलनेवाला। स्वाथों अंगरेज ऐतिहासिकोंको यड़ो ममथ्यथा हुई थी। मितध्यज । सं० पु०) राजभेद । .इसीसे उन सर्वोने कहा, कि ईसाई धर्मका प्रचार बन्द | मितभापितृ (सं.लि.) मितभाषण, विचार फर वोलने कर मिण्टोंने महापातक सञ्चय किया है। किन्तु उन्होंने | वाला ।

राजधर्मफी जरा भी परवाह नहीं की। राजधर्म मिनभापिन (सं० लि.) स्वल्पभाषी, थोडा बोलनेवाला,

। की प्रेरणासे नोतिश और धार्मिक मिण्टोने समदर्शिताका समझ बूझ कर बात कहनेवाला। परिचय दिया था। समदर्शिता स्वार्थियोंको वाधक हो । नितभापा (सं० वि०) मितभाषिन् देखा। सकती है । इसोसे कुछ अंगरेज ऐतिहासिकोने 'मितभुक्त (सं० वि०) परिमितभावमें कृताहार, धोड़ा माने. • मिण्टोका यह कार्य अनुचित और पापमलक बताया है। वाला। 'जो हो, लाई मिएटाने सपने शासनकार्यमें जिम निभी- | मितभुज (सं० नि० ) मिताहारो, थोड़ा खानेवाला। . पता और न्यायको प्रेरणास समदर्शिताका परि- मितमति ( सं० त्रि०) अल्पमति, थोड़ो युद्धिवाला। दिया था, यह इस देशके अगरेज या अन्य किसी भी मितमेध (सं०वि०) अल्प यागयुक्त । शासकको अनुकरणीय है । पृटिश पार्लियामेएटस | मितराविन (स. नि०) अल्पशब्दकारी, थोड़ा शब्द करने- उन्होंने अपनो शासनदक्षताके गुण पर धन्यवाद और , वाला। अर्लकी उपाधि प्राप्त की थी। किन्तु यह सम्मान अधिक। , मिनरोचिस् (सं० वि०) परिमित दीप्तिशाली, थोड़ी दिन तक वे मोग न सके। कान्तिवाला। ।। वे सन् १८१४ ई०के मई महीनेमें लण्डन पहुंचे, यहां मितवाच ( सं० लि. ) स्वल्पवाक्य-प्रयोगकारी, थोड़ा माने पर ही स्वास्थ्य भङ्ग हुआ, तब अपनी प्रिय जन्म- बोलनेवाला। . भूमिको दर्शनामिलापा वलवती हुई, किन्तु उनके भाग्यमें मितथ्यय । सं० पु०) कम खर्च करना, किफायत । • ऐसा न हो सका। इसी सन्की २९वीं जुनको पथमें ही मितययता (सं० स्रो०) कम खर्च करनेका भाव। ., हाईकोर्ट शायरमें उनको मृत्यु हो गई। इस समय उन । मितध्ययो (सं०नि०) परिमित व्ययकारी, किफायत १ की ६३ वर्षको अवस्था थी। वे अत्यन्त शान्त प्रकृतिके | करनेवाला। और रहस्यप्रिय थे। उनकी मधुरपूर्ण वातास वात करने मितशायो (सं० जि०) अल्प निद्राशील, बहुत कम सोने- चाले प्रसन्न हो जाते थे। परिमार्जित और योजस्विनी वाला। भाषामें वे अपना मनोभाव प्रकट किया करते थे। मिपिमण (सं० क्ली०) नाकसे अस्पष्ट बात करना। मित मितस्पच (सं० वि० ) १ कृपण, कंजूस। २ परिमित मित ( स० वि०).मिया मा मा-क।.१ परिमित. जो. पाकफारो, थोड़ा पकानेवाला। सीमाके मदर हो। २ फम, थोड़ा। ३ क्षिप्त, फेफा | मिताई ( हि० स्त्री०) मिलता, दोस्तो। हुआ। " | मिताक्षर ( सं० वि०) परिमिताक्षर-विशिष्ट । मितङ्गम (स० पु० स्त्री०) मितं परिमितं गच्छत्तीति गम | मिताक्षरा (सं० सी०) याज्ञवल्क्य स्मृतिको विज्ञानेश्वर-कत खच् मुम् च । १.गज, हाथो, स्त्रियां ङोय । (नि.)२ / टोका। . . परिमित गामी, सीमाके अन्दर चलनेवाला। मिताचार (सं० पु०) परिमित-आचार। Vol. XVII. 198