पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/६५

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पहदी ख्वाजा-महम्मद 'महदी खाजा-सम्राट यावरशाहका जमाई । वायरके महबूब (म० पु० ) यह जिससे प्रेम किया जाय, जिससे मरने पर यह कुछ दिन तक राजतरत पर बैठा था। दिल लगाया जाय। महदो मिर्जा-एक मुसलमान ऐतिहासिक । इसके बनापे | महवूद-उर्दू के एक फयि। इनका जन्म १७६१ सम्यस्में ' हुए 'माजमुभा मिर्जा महदो' प्रन्यमें तैमूरवंशीय राजाओं हुआ था। इनका कोई अन्य देसनेमें नहीं भाया, पर की यशाकोर्ति गाई गई है। सम्राट यावर शाहके पिता- छन्द वद्रुत देखे गये है। इनको फयिता अनुप्रासको महसे (१४२३ ई०में) ले कर सम्राट यहादुर शाहके जीवन लिए हुए जोरदार होती थी और वह पूर्णतया प्रशंसनीय काल तकका हाल इस पुस्तकमें लिखा है। है। इनकी गिनती तापकी श्रेणी में की गई है। महदद (अ० वि०) जिसकी हद यंधो हो, सीमावद। मयूवा (अ० स्त्री० ) यद खो जिससे प्रेम किया जाय, महदेश्वर (हिं० पु० ) पलों को एक जाति जो मैसूरमें पाई प्रेमिका, माशूका। ...जाती है। इस जातिके वैल बहुत हटपुष्ट और बलपान महमद - महम्मद देखो। महमदो-मुदम्मदका मतानुयायो, मुसलमान । महगत (सं० वि०) साधुजनाधित, जिसने श्रेष्ठ पुरुषका | महमन्द-पश्चिम सीमान्तयासी अफगान जातिविशेष। आश्रय लिया हो। महमयेगम-शेख अहमद जामको पोती। यद अकबर महद्गुण (सं० वि०) महत् गुणं यस्य । १ महागुणयिशिष्ट । बादशाहको व्याहो गई धो। मदमयेगमके दो गमसे हुमायू २महतका गुण । ३ अतिशय गुण । पैदा दुमा। यह दिल्ली-दुर्ग के समीप 'दिनपना' नामक महद्धिक (सं०१०) जैनियोंके एक देयताका नाम। एक मसजिद बनया गई है। शिलालिपि पढ़नेसे मालूम महद्विल (स' क्लो०) माकाश, न्य। होता है, कि यह १५६१ ई०में जोषित थी। महनय (संशो०) १ अतिशय भय, बहुत सर । २ | महमह (हि० कि० यि०) सुगन्धिफे साथ, खुशबूके साथ। अत्यन्तामाय । ३ महत् व्यक्तिसे भय, यड़ों का दर। महमहण (हि.पु.) विष्णु । मह (स० सो०) मदद भवतीति भू-क्रिप् । पड़ा दोना । | महमहा ( हि० वि०) सुगंधित, खुशबूदार । मह मन् ( संको०) १ सूर्य । २ तीर्थविशेष। । महमहाना (हिं० कि०) मुगघि देना, गमफना। महद्वत् (स० वि०) महत्-मतुप मस्य य । महद्युक्त। | महमान (फा० पु०) मेहमान देशो। महवारणी (स' स्रो०) महेन्द्रयायणी लता। महमानी (फा०सी० ) मेहमानी देखो। महयातिमाम (स पु०) महाश्चासौ प्यतिफमश्चेति । महमाय (दि० सी० ) पायंती। . अतिशय व्यत्यय, बहुत उलट फेर। महमूदो (फा० रखी०) १ साहसी तरहका एफ.:मोटा 'मदन ( सली . ) मभूत, अनेक । देशी कपड़ा। (पु.) २एक प्रकारका पुराना छोटा महना (हिं० कि०) १ दही या महा मादि मथना, यिलोना। सिका। (पु०.,.२ मथानो, रई। महमेज ( फाखी) एक प्रकारको लोको माल। यद मनिया (दि० पु.),मथनेयाला, वह जो मयता.हो। जूतमें पोछेका मोर पंडोके पास लगाई जाती है इसको मदनीय (सं० वि०) मह अनीपर । पूजनोप, पूजन करने सहायतासे घोड़े के सवार उसे चलाने के लिये पर योग्य : .... लगाते हैं। . मनु (दि० पु०) विनाशक, मथन करनेवाला। महम्मद-(पापुल कासिमपयन अवदुला), अरव प्रसिर मदन्दिपहाए-बहालका एक छोटा पहाद। . . इस्लाम धर्मप्रवर्तक । इनका जन्म १०यों नयार ५५०- महफिल (म. खो०.) १ सभा, मनलिस.। .२ नृत्य गीत में हुमा था। परन्तु कोई कोई २२यी माल ५७१९०. होनेका स्थान, नाच गान होनेको जगह में बताते हैं। जो कुछ दो, कामपामे मदीना महफूम (म० वि०) सुरक्षित, जिसको दिफाजत की गई हो। भागना (हिजरो प्रारम्भ ६२२ ३०) तथा पैगम्बर सिमि Vol. xVII. 17