पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/६८९

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मित्र और अफ्रिकाके अधिकांश भाग पर अधिकार कर मिसः । यूनानके विरुद्ध १६३ जङ्गो जहाज भेजे थे। किन्तु इ. का सिंहासन ग्रहण किया। इस वंशने ३०० वर्ष तक | लैण्ड, फ्रान्स और रूसने यूनानको सहायता कर इन राजत्य किया। इसके बाद तुर्क सम्राट् सलोमतने मिस् । जङ्गो जहाजोंका सत्यानाश कर दिया। पर अधिकार किया। इस समयसे कोई १०० वर्ष तक महम्मद अलोकी राज्यलिप्सा इतनी अधिक बढ़ी, मिसमें घोर अराजकता फैली रही। पीछे तुर्क-सम्राट! कि उसने तुर्कीके सिरिया राज्य पर आक्रमण कर के सेनापति हुसेन अली सन् १७४६ ई० में प्रतिद्वन्द्वी दिया। इसके बाद तुर्क -सम्राट २२ महम्मदने ५ यूरो- 'पक्षको "पराजित कर मिसमें तुकों-शासन प्रचलित पोय नरपतियोसे साहाय्यकी प्रार्थना की। किया। इसके बाद नेपोलियन बोनापार्टको अधिनाय ___अन्तमें महम्मद अली यरोपीय शक्तियों से पराजित 'कतामें फ्रान्सोसियोंने सन् १७६८ ई०में मिस पर अधि हो कर शान्त भावसे मिसका राज्य करने लगा। यूरो. कार किया। पीय पांच पराक्रान्त राजामोंने उसको मिस्त्रका स्वाधीन सन् १८०२ ई०में अगरेजोने मान्सिसोयोको भगा राजा स्वीकार कर लिया। महम्मदने १८४८ ६०में अपने कर मिस पर अधिकार किया। इस समय महम्मद। पुत्र इब्राहिमको राज्य-भार सौंप कर अवसर ले लिया। अलोने अंगरेजोंको सहायता दे कर फ्रान्सीसियोंके । किन्तु इब्राहिमको शीघ्र हो मृत्यु हो गई। इससे उसका 'साय युद्ध किया। महम्मद अली पहले एक दुकान पर पुत्र महम्मदका पौल अबास पाशा मित्रके सिंहासन 'आटा चायल येचते थे । पोछे सैन्यमें भर्ती हो कर पर बैठा। थोड़े ही दिनमें सेनापति हो गये। सन् १८०२ ६०में महम्मद ८० वर्षको उम्र, सन् १८४६ ई०को पर- युद्धमें मुहम्मद अलीने अडारेजीका पक्ष लिया था । कमसे | लोक सिधारा। 'उनको रागलोलुपता बढ़ती गई। वे अपने पराक्रमके १८वीं शताब्दीका इतिहास महम्मद अलीके साथ 'प्रभावसे शीघ्र ही सर्वप्रिय हो उठे। पीछे मासेलक-वंशीय दृढ़ सम्बन्ध रखता है। उसके शासनकालसे हो वर्तमान भूतपूर्व राजवशके साथ मित्रता कर उन्होंने उनके खोये। मिस्रको श्रीवृद्धि हुई है। महम्मदने यूरोपीय ढंगकी 'हुए राज्यको पुनः लौटा देना चाहा। उनके वाहवलसे शासन-शृङ्खलाको स्थान दिया था। महम्मदके वंशधर मामेलुकवंशीयगण १८०६ ई०में मिसके सुलतान और उसीके बताये मार्ग पर चलने लगे। कृषि, वाणिज्य, 'महम्मद सुलतान द्वारा सन् १८०६ ईमें कायरोके पाशा शिल्प आदि सब विषयों में ही मिन दिनों दिन उन्नत 'या शासनकर्ता नियुक्त हुए। दूसरे हो वर्ष अपनो कार्यः कर रहा है। दक्षताकै गुणसे वे अलेक्जेण्डियाके भी शासक वन सन् १८५४ ई०में अन्यास पाशाको मृत्युके वाद गये। । । महम्मद अलीका चौथा पुर सैयदपाशा मिस्रके राज- - क्रमशः उन्होंने उच्च पद पा कर सिंहासनकी ओर सिंहासन पर बैठा । उसोने पिताको तरह राज्यको दृष्टिपात किया और १८११ ईमे ४७० मामेलुक-घंशीय धीवृद्धि करनेके लिये यथेष्ट चेष्टा करना आरम्भ किया भले आदमियोंको अपने राजभवन में आमन्त्रित कर घोर | और सुपज नहर खुदवानेकी आज्ञा दी थी । सन् १८६३ नृशंसताके साथ उनका वध किया। इसके बाद याकी ई०में उनको मृत्यु होने पर उनका भतीजा इस्माइल पाशा '१२०० सौ भले मादमियोंको भी मार कर मिसके अद्वि मिस्रके सिंहासन पर बैठे । उसके सुश्सल शासनसे तीय अधीश्वर बन गये और चारों और अपना राज्य मिनमें नये युगका आविर्भाव हुआ है। राज्यके सारे विस्तार किया। .. : ., . .. " .:.' विभागोंको उसने शिक्षा और सभ्यताके संस्कारसे परि- १. जिसं समय युनानने तुकों को अधीनताको रङ्गला | मार्जित किया है और उसको 'विलक्षणतासे शासन- (जीर ) तोड़नेके लिये तुर्क-सम्राट के विरुद्ध सरप्रणालौकी सर्वांगीन उन्नति साधित हुई है। उसने उठाया था, उस समय महम्मद अलीने तुकीको ओरसे । सन् १८७६ ई०में यूरोपीय विचार-प्रणालीका अनुसरण रहाहा