पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/७४०

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पोम्कासिम कामिमको नन पर बिठाया। कामिम अलो इस समय । बजानेको भरना। इसके लिये उनि मौरकासिमसे नयार नासिर उलमुक इमतियाज उद्दौला मीर कासिम मोटो रकम ले कर उनके हाथ नयायी पद येचना साहा। अली नसरत् नाम धारण कर बङ्गालको मसनद पर इस समय मोरशासिम .एक दल नवाशे-सेनाको ले फर मेदिनीपुरकी ओर शिवभाटफे अधीनस्थ महा. मुनाक्षरोन पढ़नेसे मालूम होता है, कि पलासीको । राष्ट्रीय सेना-दलके आक्रमणमें वाघा सालनेके लिये लडाई में हार कर मिराजुहोलाने जब स्त्री पुत्र सत जा रहे थे। राहमें हालयेलो साप इनको भेट हो गई। राजमहलके एक फकीर के यहां आश्रय लिया, उसी बातचीत करते करते एकको दूसरेका मनोमाय मालूम ममय उसका मोजमें भेजा गया मोर कासिमका दल.. हो गया। उच्चामिलापों, सुदक्ष मोर सुचतुर मोरकासिमने चल यहां जा धमका। संयाद पाते ही मीर कासिमने अपना भविष्य उन्नतिका पथ परिष्कृत देख उनके झटस नदी पार कर मिगजको स्त्री-पुत्र ममेत कैद कर ; कथनानुसार चलनेको प्रतिक्षा फी । पहले धालयेलने लिया। तमाम्य नयाव रोता रोता मीरकासिमके चरणों उन्हें पटनेके नवावी-पद पर अधिष्ठित करनेकी कोशिश पर गिर पड़ा और माण भिक्षा मांगने लगा। किन्तु , की। क्योंकि, उनका ख्याल था, कि ऐसा करनेसे मीर मोरकासिमने, जो एक समय उसीका दासानुदास था, कासिम अङ्गारेज-कम्पनीको प्रचुर सम्पत्ति धेगे। इसके उसकी यिनीत प्रार्थना पर जरा भी कान न दिया। किंतु वाद हालयेलने अपना मतलब निकालने के लिये अगरेज. मुजफ्फरनामामे राजमहलके पदले सिराजको मालदह- सेनापति और नयाय मौरजाफरको इम सम्बन्ध पत्र यासाकी यात लिखी है। लिया। ___ मोरकासिमने सबसे पहले सिराजको नियनमा पती। नयाव मोरजाफर अपने जमाईको ऐसो पदोन्नति पर लुत्फ उन्निसा येगम साहयाको हस्तगत किया। पीछे जलने लगे। इसलिये उन्होंने हालयेलफे पनका कोई सिरामको भय दिपला कर उसके होरा-मुक्तासे जहा। जयाव नहीं दिया। इस पर हालचल बढ़त बिगड़े और '। दुआ अलङ्कार और पेटी जिसमें जयाहर भरे थे, लूट : तभीसं मीरजाफरके दोष हृदने में लग गये। कम्पनीको ली। उन्हों का अनुसरण कर मीरजाफर पांक भाई मीर । प्राप्य रुपगे न दना, शाहजादा जाह मालमफे साथ छिप • दाऊद और दूसरे दूसरेने सिराज तथा उसकी रमणियों-फर सन्धि करना, ढाकाका शोचनीय हत्याकाण्ड और का धनरन लूट लिया। मोरकासिमको जयाहरको जो भोलन्दाडीको ले कर दुरभिसन्धि मादि दोपका उल्लेख सर पेटियां हाथ लगी थो', उनमेसे प्रत्येकपा मूल्य लाख रते हुप बालपेलने मोरजाफरको राज्यध्युत कर पा पपेसे कम नहीं था। आगे नल कर इन्हीं धनरसि सिंहासनको झिमो दुसरेके हाथ अधिक मोलमें येवनेका । मोरकासिमको थोपद्धि हुई थी। मङ्कल्प किया। इस आशय पर उन्हनि पटनाफे अध्यक्ष मिराजको जो मोरकासिमने पकड़ा गा, उसके लिये आमियट और सेनापति फेल्टको पल लिगा। किन्तु नमो बारेम-दरबार में प्रतिपनि बढ़ गई थी। इन नशीन सेनापनि साग एकमन न होनेके कारण ये शिकतंय. युयकको याक्पटुता, मादमिकता और विचक्षणताको । विमूढ़ हो गये। ३ कर मगरेज लोग धीरे धीरे इनर्फ पक्षपाती हो गये पहलेसे हो अगामायके कारण रामका में मिलता थे। भय दानमे अन्नम और शासनकायं में अपारग देन ! उपस्थित थी। इसो समय मोरनको मृत्यु हुई। वृद्ध कर कम्पनीके अध्यक्ष मीरजाफरको सूर्यदारो मसनस! नया पुवशोरूफ कारण यहुन कातर हो गये। ये चारों हटानेका पटपरत कर रहे थे। इसी ममय सास और विपद्जाल में अपनेको घिरे दम भारी ऊहापोहमें विलायतको लोट गपे । मतः इस शुभ अवसरमे हालयेल- पड़ गये। गलम्ब यसूलमे भी यही गत्यद्री मनो। को ही कम्पनीफे. गध्यक्षका आसन प्रहपा करना पड़ा येतनके कारण मैनादल मो पहलेमें हो असन्तुष्ट था। गा। मयंलोलुप हालपेलका एकमात्र उद्देश्य था मगरेगी मोरनका मृत्युसंवाद पा कर उन्होंने येतनफे लिये बहुत