पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/७८२

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मुदृछुट-मुइज बदोन महम्मद घोरी मुहाएर (निधि) शिमका मुंह मोटी या कट पाने ; आता है। २०से २५ प सकको भगाया ये निा- मानेफेलिपे गुला रहे. मुंबट । सती हैं। मुरार {f० घि० ) १ मा, जो बहुत अधिक पोलता हो, मुअन्नन ( भ. पु. ) नमाज के लिये मद लोगोंको पु. म्यादी। मुंदकट देगे! 3 उदण्ड, नेज। ग्नेयाग। मुंह लोग (दि. ००) । मुदनोर होनेकी मिया या भाव। मुमनल ( पिजिसके पास काम न हो, पाली। २ उदारता नेजो। २ जो काममे कुछ समय लिपे दाखरूप अलग कर मुहदिगमा । म यो मदिना दमो। ! दिया गया हो। मुंदिलाई. हि ) ! न यधका मु गनेको मुअत्तली ( अ० स्रो०) १ मुमसल दोनेका भाय, पेशारो। रम्म, मुंहदेगनी । २ या धन जो मुंह देमने पर मधु. २ कारसे कुछ दिनके लिये अलग कर दिया जाना! को दिया जाय। । मुसम्मा : १० पु.) १ रहस्य, भेद । २ प्रदेलिका, पदेली। नदेशा हिं० यि ) १ जो हार्दिक या मान्तरिफ न हो, : ३ पेवीलो वात, ऐसो बात जो जल्दी समझ न भाये। जोशिमीको फेवल मनुष्ट या प्रमान करनेके लिये हो। मुलिम (मपु०) शिक्षा देनेवाला, इल्म सिग्नानेयाला। २मता माताको प्रतीक्षामें रहनेवाला। मुमाफ (प्र० वि०) माफ देगा। मुंदनाल (त्रिी .), धातुको पनी हुई यह नली जो • मुआफन ( म० रखी० ) १ मुमाफिक या अनुकूल होने. हुएफेको मटक आदिके अगले भागमें लगा देते हैं. और ' का भाव । २ दोस्ती, देलमेल । जिम मुहमें लगा कर घमां मोगते हैं। २ भातुका यह . मुसाफिक : ०वि० ) १ अनुकूल, जो पियर न हो । २ टुकड़ा जो म्यानके मिरे पर लगा होता है। मनोनुकटइच्छानुमार । ३ ठीक ठीक, परायर । मुहपदा । दि. ३०) १ वह जो मय लोगोंके मुह पर हो. 'मुभाफिकत ! यसो १ अनुरूपना, समता। २ प्रमिम, मशहर। मिता, दोनो। ३ अनुकूलता। मुफर मि. घि०) जिमको वाणी मयत न हो, पद : मुभाफी ( बरलो. माफी देयो। जवान। मुभामला (म० पु० । मामना दमो। , मुहर्षद (हि० यि जिमका मु ददो. पुला न 'मुभायना ( #० पु. ) निरोरण, जांच पड़ताल । हो। २ भातयोनि, कुमारों। मुमालिज : पु०) चिफिदमा, लाज करनेवाला। मुंबघा । हि०) जैन माघु जो प्रायः मुंह पर पटा मुमालिजा ( ० ० निकितमा, इलाम । वांगे रहते है। मुभायता ( .) १ पदला. गलटा। २ पद पग जो --..मुंहगोला (६० यि० । जो याम्नयिक नदी, फेवल मुंह किसी कार्य मावा नि भाविक दरलेमें मिले। यह से कद कर नागा हो। रकम जो जमोदारको ... बदले मिलती है जो मुहमरा हिं० नो०) मुंह भग्नेकी प्रिया या माय ।२ किमो मार्यजनिक क. .महायनामे में यह धन भारि जो किमीका मुह बद करने के निचे दी माती है। उसे कुछ पादने या करनेमे रोनेरे लिये दिया ... ... (भा पुः • पूर्व नाम मुगांगा EिOfe) मनोनुल, गरने मांगगेसे मनु मुहामुहिo frofe} भरपूर, मुंडनः। मुदामा (hिa.! गुरु पर शने या कुलियो गुश भम्पा निकलती है और पालनका विर जातो हैन मियों निमनसे चेहरा पुरा भर .