पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/७८८

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are मुकुन्द दाम -मुकुन्द राम चक्रवती मारका माम मदन था। शोरयामा मुकुन्द महामार्ग-पीन प कपि। नाम दनगा मरहरि नाम. यो पुष । मुकुन्दरा---एक प्रमिद पैदानिक, श्रेा पनि म नर माह गोप रहने थे तथा । ना नि इन्होंने रैस शामस्य. WATER प्रीमहाभुफ निकट माको पयिस्य मानमे मुन्न करने गौनामा, मायाकरण. परणामुग, रियामार. हेलिपे प्रार्थना करते थे। मकुन्द सापार प्राने भारी मिथु, पिकमिशु या पदालानियेत ममा दान लिए नयीप गये और गांगंग महाप्रभुको नानक कई पुस्तकों की रचना की है। मुरुम मुनि महिनादामे गाता मारने लगे। ये भो भक्तगणों माप नागणे मी गरिचित है। मिट कर मरोप होमे रहने स्टगे। इन्हों मुकु दो पुत्र मुन्द गम--भागद फलिका रमपिता। प्रसिय ननदर। एनन्दा देगा। मुरुन्द राम नावनों-गना गागो मडिकासन गुन्द दाम- गौतमाय न्यायवफे रीकाकार । २ भाया प्रणेता। जगतामें ये शामिमग उधिमे परिचित है। दीपिका मामको भागवत गीता रोकाके रचयिता । कर दे। मकुन्द दीक्षितवियदिन-एफ पिगमार वैदिक पण्डित। कविण सदमें गुरुन्द गममा भारगपरिमय फे, पुरा युयरामगं प्रपदकाच्य बनाया था। . दिया गया है। यामुगामें उनके मात्र पुगका मुकुन्ददेव (मं० पु०) उनिप्पा गजपतियोय अन्तिम राजा! यामशान का। उस समय मामिला १५६७१०में बलालप. मुसलमान राजाय मनापनि फाला, हुसेन कुली खो वंगारका नाममा था। उस पदाइने इनको पराजित कर पुरोफे पविय मन्दिरको ध्वंम अनुप्राद तथा प्रजामोंगे पापफ पालम्IRT मान पर साला था। गग सरम्पती सहमके उत्तर विणो मरोग पिदीदार थे। विदा भरपागार लाग-पार इन्हों. दारा बनाया गया है। उरकम देतो।। उठिन दोरमा भने म्यामी गोरोग योग : मुम्दद्वार---राजपूतानेके भन्संगत कोरा प्रदेशका पंफ नगर मालगुभागेकी यायत सरकार से पंदो ये नये गम्भीर तपा पदामो मार्ग पद गमा० २४४८५० उत्तर त सोफे परामांनुमार नरदोगदार भांगरत को मा देशा० ७६ ४५०" ०' नम्पल तथा काली मिाणु पनाये रखो, निशुपुर तथा मा मानन्दको मापले संगम पर स्थित है। फोटा राता महाराष माधय भारत आकर रहने नगे। मिद गोष्ट पुन मुकुन्द सिंदफे मामानुमार उक पान दामुन्याम उपहले मियान माम । पुतुल मारके नाम प्रमित । मुकुल हिने भनेक ; गिनामो रनना को । मुन्गामे भाग रहे...' धार तथा महानिकामों का निर्माण किया था। नप मार्गमै गाडी दगांग: आदेशानुमा पे पुETrformit मुगुन्द परिणाम-विमान नाकारणेता। प्रास हुए। मारा उस चाटीकायको गति । गुपन्दपुर--गिरदुत जिले के मतगत पर प्राचीन नगर। म मन्य. शेरो कमि किया, 'नारे रमरमर मुकुन्द निप-एफ. धम्र्माचार्ग, फानोपरीकारत गमा- गांकगम गाजा. १४६३में गायोगी ममा... नाद पिया। . . । भा। हम ममग कायिक जामाता. पुरुष नया पत्र