पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/८५१

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


मुजफ्फरशाह-मुजराई ७६१ '५दाउदशाद। कुतव उद्दीन पांको युद्धमें परास्त कर मार डाला। इस .६ महमूदशाह १म विगाड़ा। तरह कारावासमें नौ वर्ष रहनेके बाद ये पुनः गुजरात- __ . .७ मुजफ्फरशाह २५ । के राजसिंहासन पर बैठने में समर्थ हुए थे। ८ सिकन्दरशाह। ___ अनन्तर दो वर्ष तक स्वाधीनतापूर्वक राज्य करनेके महमूदशाह २य। माद १५८३ ई० में अकवर शाहने गुजरात पर अधिकार १० बहादुरशाह । जमानेकी इच्छासे बैरम सांके पुत्र खानखाना मोर्जा खांको ११ मोरन मह मुदशाह फर्स खि। भेजा । एक छोटेसे युद्ध में पराजित हो कर मुजफ्फरशाह १२ महमूदशाह ३य । जूनागढ़की ओर भागा, किन्तु आजम खांको अपने पीछे १३ महम्मदशाह श्य। आते हुए जान कर उन्होंने मुगलों द्वारा अपमानित होने १४ मुजफ्फरशाह श्य। को अपेक्षा माणविसर्जनको श्रेय समझा और एक रेसे अन्तिम राजा मुजपफर शाह (३य ) को पराजित आत्महत्या कर डाली। कर मुगल सम्राट अकबर शाहने गुजरात प्रदेशको अपने मुजफ्फरशाइ पुरवी-बङ्गालके एक शासनकर्ता। यह साम्राज्यमें मिला लिया। एक हवशी गुलाम थे। इनका आदि नाम सिद्दी बदर मुजफ्फरशाह (२य )-गुजरातके एक राजा। पिता सुल.] था। अपने मालिक महमूद शाहको गुप्तभावसे मार तान महमुद शाह विगाडाफे मरने पर ये गुर्जर-सिंहासन | कर ये वङ्गालके सिंहासन पर बैठे (१४६५ ई०) । तीन पर बैठे। इस समय इनकी उमर ४१ वर्षकी थी। १५ | वर्ष राज्य शासन करनेके बाद पे अपने मन्त्री सैयद घर्ष निष्कएटक राज्य करनेके याद १५२६ ई० में इनका | सरीफफे साथ युद्धमें मारे गये। सैयद सरीफने उसी देहान्त हुमा। सकीचमें इनका मकबरा आज भी साल २य अलाउद्दीन नाम धारण कर बङ्ग-सिंहासनको मौजूद है। सुशोभित किया। मुजफ्फर शाह ( ३य )-गुजरातके अन्तिम राजा। मुजग्मा ( म० पु० ) १ चमड़े या रस्सीका एक फेरा। इनका प्रकृत नाम नाथू था। घे ३य महम्मद शाहके पुत्र यह घोड़े को आगे बढ़नेसे रोकने के लिये उसको गामचो कह कर जनसाधारणफे निकट परिचित थे। किन्तु इनके | या दुमचीमें पिछाड़ीकी रस्सीके साथ लगा रहता है। जन्म-वृत्तान्तफे सम्बन्ध तिहासकारों में मतभेद (क्रि०)२ वांधना, लगाना । दिखाई देता है। १५६१ ई० में २य अहमदको मृत्यु | मुजरा (१० पु० ) १ वह जो जारी किया गया हो। २ ___होने पर प्रधान मन्त्री इतिमाद याने इन्हें राजसिंहासन यह रकम जो किसी रकममैसे काट ली गई हो। ३ . पर बैठाया । राजाके साथ मन्त्रीकी पटती नहीं अभिवादन, किसी बड़े या धनवान् आदिके सामने जा , थी इस कारण पतमाद प्पांने अपने पक्षको समर्थन | कर उसे सलाम करना। ४ वेश्याका वह गाना जो बैठ करनेके लिये राज्याधिकारफा लोभ दे कर अकबर शाह- कर हो और जिसमें उसका नाच न हो । . को गुजरात प्रदेश घुलाया। अकवर शाहने ससैन्य मुजरंद (१० वि०) १ अकेला, जिसके साथ और कोई गुजरात राजधानी पर चढ़ाई की ( १५७२ ई०)। उसी न हो। २ जिसने संसारका त्याग कर दिया हो। २ समयसे गुजरात दिल्ली साम्राज्यके अधीन हो गया। जिसका विवाह न हुआ हो, बिन-व्याहा। , मुजफ्फर शाहने पितृ-सिंहासन परित्याग कर अपनेको मुजरंय (अ० वि०) परीक्षित, आजमाया हुआ। मुगल सम्राट के हाथ समर्पण किया तथा ये सम्मान मुजराई (हिं० पु०) १ वह जो मुजरा या सलाम करता हो, __पूर्वक आगरा लाये जाने पर कारागारमें रखे गये। नौ वह व्यक्ति जो केवल सलाम करनेके लिये चेतन पाता .वर्ष के बाद वे फिर यहांसे गुजरात भागे और सैन्य- हो। ३ काटने या घटाने की क्रिया । ४ वह जो,मरसिया • संग्रह करने लगे पोछे उन्होंने वहांके मुगल-प्रतिनिधि : पढ़ता हो । ५ काटी या मुजराफी हुई रकम !" Vol, IVII. 191