पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/९२

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महम्मद कुली कुनुवाद २प-महम्मद सा भगोरी 'सम्राट गाइ पालम पिता रय भालमगीरसे यहाल, महम्मद कुनुपमाह-गोलपुरला. गुनुमा विहार और उदीमाको दोयानी पाई थी। इस समय इन्हें : सुल्तान । सगरमोश देतो . ... । सुरागाफे माय पटना दान करने के लिये जाना पड़ा। महम्मद फुली -सबाट भयर माद.पा तुती ', पटना पहुंचते ही पुली पनि नगरको घेर लिया। कुछ : .गापति। ये पहले यहाल. मुगल सेनागापर धे। दिन घेरे रहने के बाद इन्हें मालूम हुमा, कि इनके चचेरे बाल सिपाहो यिदोहफे समय होने सिपाहियों माय भाई मुजाउद्दौलाने विश्वासघातकतासे लाक्षायाद पर दिया था। घोड़ेही दिनमै इन्हें परयायि माप भागमण कर दिया है। इस पर कुलो यो १७६१६० । छोट अमायरको मरण लेनी पड़ी। कई पार होने कामोर पटनासे लौटे मार सीधे इलाक्षायादको चल दिये । सुजा राय पर चढ़ाई को धी। मौरराज गलीरापोहोंने ' . उद्दौलाने इन्हें जलालाबादफे दुर्गमें फेर कर मार ही हराया था। साला। महम्मद कुलो वाई-एफ मुगल सेनापति शमशाद मार- महम्मद फुली कुतुबशाद (२य)-गोलशुराहा. एक मुसल- यरको अमलदारी में इनोगे मालपा, सारो भीर मा । मान शासक । अपने पिता इमाहिम फुतुबशाहके मरने पर युसमें अपनी दक्षताका परिचय दिया था। ६१५८१ १०में यारह वर्षको अयस्थामें गद्दी पर बैठे। गही महामद रिसमी (मीलाना)-सारिनग एक कपि। पर येटते ही इन्होंने गिलापुरफे भादिलशाहीयंगसे युस । महम्मद सलील उसा मां-एक मुसलमाग ऐतिहामिक। सान दिया। युद्धमें इनकी हार हुई। भाबिर गिजा, इन्होंने गजनीपति महम्मदकी माशा भरEnit पुरफे राजाको अपनी यहन दे कर मेल कर लिया। यह जोयमी लिपी थी। घटना १५८७१०में घटी यो। महम्मद सापक मुसलमान इतिहासकार, माली ____ गोलकुएमाका जलपायु सास्थ्य मनुफल न होनेफे। फिरोजपुर गमोर सुनुवादी या सारी-मा. कारण यहांसे दस फोर्स दूर अपनी पोरयधृ भाग्यमतीफे , उल हिन्दसे यही गणेता । ३० वर्षको भाया पर नाम पर भाग्यनगर बसाया। पीछे उसे टोद ये हैदरा २५ कुलो कुतुपमा अधीन गौरी करते थे। बार- पादमे रहने लगे। माहफे मुरकुफाल न् १९१३० पद गोवि। . __ परसिया राजा शाह भल्यासने अपने पुतका महम्मद यांविनार गया, पायित साफ. प्रपोस । पिया फालीपु.नुपकी कन्यासे किया। पसे सम्मान्त, १८५१०में पेपित्रोदा हो गये। रामपंग कन्या ई फर इदाने सनमुश अपनेको सम्मा- महम्मद गर ( माधर)--एक पर सवार । गित ममदा था मुलान भरमपि पुस । fair गुमाल । दक्षिणप्रदेशफे ये कुतुबशाही राशके यार्य महम्मद गोरी-गुरपनि गुमनाम पारा गुल्लाग थे। शासनकाय नको असाधारण समता : मांसा, गना मा मादिल का नाश थी। सफे सियाप मार मी रिग सहगतोस ये भल- १५०-२८में मं गायोगाभिमा नपुरक एन। इनके १ पपंगामाहासमै ता कालिकपरमारमण करा पाउनाम पहारमा शो सादिस्यको निशेर उनि पीस्यिय मुल्लामने 'पूस , परदेसि भनुरोप किया। मगमप ' पत कुनुपमा मामा रारान् को रगना की।। RTR गुम्नं परमशिन Aar fretशिनी तथा पारसी भागमे मिलो मनेको fan मेला सा गुस्सामने गालामा भगुगमपी धिषिध विपिनो पिता इस एपं. बले. हा सामना in गुस्सामने भ R Y परका दामी है। १९६० मी गुरयु । घरि मायागंको र प्रधान FREETTY KI पाम इमर मा मदन पुगुमनाम पर मैं। मन करा पानी S aintinादुर ा प बन्द jitu fem.