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पृष्ठ:हिन्दुस्थान के इतिहास की सरल कहानियां.pdf/१२७

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कभी पिया हो तो पिया हो पर अफीम खाता था। अबुलफजल ने एक किताब लिखी है जिस में अकबर का सारा हाल लिखा है, क्या करता था, केले रहता था, और कैसे हुकूमत करना था। अबुलफज़ल लिखता है, "बादशाह दिन रात में एक बार खाते हैं, थोड़ी भूख रहने पर खाने से हाथ खींच लेते हैं। शोर से ठण्डा किया हुआ गङ्गा-जल पीते हैं।" रात को छः घण्टे सोता, दिन भर काम किया करता और रात को विद्वानों की एक सभा करता वह सब की सुनता और फिर अपना कर्तव्य निश्चय करता था।

        ३०-रसिक जहांगीर।
१-अकबर के बेटे सलीम ने सिंहासन पर बैठ कर

जहाँगीर ( संसार का लेनेवाला) की पदवी धारण की। यह चौथा मुगल बादशाह था। उसकी माँ राजपूत राजकुमारी थी इस से यह आधा राजपूत था। पहले तो उस का व्याह एक राजपूत कुमारी जोधबाई के साथ हुआ था पीछे उस ने एक ईरानी महिला नूरजहाँ को अपनी मलका बना लिया। नूरजहाँ की गिनती भारत के शासन करनेवाली बहुत बड़ी महारानियों में है।

२-जहाँगीर भी हिन्दुओं पर ऐसी कृपा करता था

जैसी अकबर ने की थी और उस का राज भी अच्छा ही