पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/१३५

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जो़ग़
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(७)मुसलमानो को गो-वध की स्वाधीनता रहे।

(८)प्रान्तो के पुनर्निर्माण में उन प्रदेशो में कोई परिवर्तन न किया जाय जहाॅ पर मुसलनमान बहुसख्या में हैं।

(६)'वन्देमातरम्' राष्ट्रीय गायन का परित्याग किया जाय।

(१०)मुसलमान लोग उर्दू को भारत की राष्ट्रभाषा बनाना चाहते है, अत: उर्दू का न तो प्रयोग कम किया जाय और न उसे किसी प्रकार की क्षति ही पहुॅचायी जाय।

(११)स्थानीय संस्थाओ मे मुसमलमानो का प्रतिनिधित्व ,साम्प्रदायिक निर्णय के आधार पर, हो।

(१२)तिरंगा झणडा या तो बदल दिया जाय या मुसलिम लीग के झणडे को बराबरी का स्थान दिया जाय।

(१३)मुसलिम लीग को मुसलमानो की एकमात्र प्रतिनिधि संस्था स्वीकार किया जाय ।

(१४)प्रान्तो मे संयुक्त मंत्रिमण्डल बनाये जायॅ।

'पाकिस्तान' की मॅग के आगे ,कदाचित्, ये माॅगो अब व्यर्थ हो गई हैं।

जित्रा--देखो 'मुहम्मद अली जिन्ना।'

जिबूटी--लाल-सागर के पश्चिमी समुद्र-तट पर फ्रान्सीसी शुमालीलैण्ड का एक प्रधान नगर है । यह उपनिवेश उत्तर मे इरीट्रिया, दक्षिण मे ब्रिटीश शुमालीलैण्ड और पूर्व मे अबीसीनिया से घिरा हुआ है । जिबूटी से अबीसिनिया की राजधानी अछीस अबाबा तक रेलवे है, जिसकी मालिक एक फ्रान्सीसी कम्पनी है । जिबुटी अबीसीनिया का समुद्री निकास भी है । इसलिए इटली फ्रान्सीसी अधिकार को इस देश से निकाल देना चाहता है ।

जी० पी० यू०--यह सोवियट रूस की गुप्त राजनीतिक पुलिस का संक्षिप्त नाम है । सन् १९१७ के बाद ही इसका संगठन, साम्यवाद-विरोधियो के दमन के लिए, किया गया है ।

जो़रा, प्रथम--मार्च १९३९ तक अलबानिया का राजा, असली नाम अहमद ज़ोरा । ८ अक्टूबर १८९५ को ज़ोग़ोली के सम्पत्र मुसलिम वंश मे जन्म हुआ । विश्व-युद्ध मे आस्ट्रिया की ओर से लडा़ई मे भाग लिया । सन् १९२०