पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/१४३

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ जाँच लिया गया।
डेनमार्क
१३७
 


नहीं लिया। सन् १९२३ मे उन्हें गिरफ़्तार किया गया और १९२४ मे रिहा कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने प्रजातत्रवादियो का नेतृत्व किया और स्वतत्र आयरिश राज्य को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। सन् १९२५ में "आयर- लैण्ड के सैनिक' (फियन्नाफेल) दल का संगठन किया। आयरिश स्वतत्र पार्लमेट के साथ सहयोग किया और पूर्ण स्वाधीनता को अपना लक्ष्य घोषित किया। सन् १९२७ में आयरिश स्वतंत्र पार्लमेट के सदस्य चुने गये। सन् १९३२ में उनके फियन्नाफेल दल का बहुमत होने पर वह

Antarrashtriya Gyankosh.pdf


प्रधान मत्री बन गये। उन्होने ब्रिटेन से सबंध-विच्छेद करने पर बराबर ज़ोर दिया। डी वैलरा यद्यपि गरम दल के नेता है, परन्तु वह समाजवादी नहीं है। वह स्वाधीनता के समर्थक है तथा उत्तरी (अल्स्टर) और दक्षिणी (आयर) प्रदेशो के संयुक्त करने के पक्ष में है। वर्तमान यूरोपीय युद्ध मे आयर (आयरिश दक्षिणी स्वतंत्र राज्य) तटस्थ है। डी वैलरा का यह मत है कि आयर स्वतंत्र राज्य की सुरक्षा और हित इसी में है कि वह युद्ध में भाग न ले, वह एक

Antarrashtriya Gyankosh.pdf


छोटा-सा देश है। पर मई १९४० से देश-रक्षा की योजना की जा रही है।

डेनमार्क--क्षेत्रफल १६,५०० वर्ग-मील और जनसंख्या ३८,००,०००। इसकी राजधानी कोपनहेगन है। राजा किश्चियन दशम् है। सन् १८७० मे उसका जन्म हुआ तथा सन् १९१२ में वह राज-सिहासन पर बैठा। यह कृषि-प्रधान देश है, जिससे गोरस-व्यवसाय (डेरी फार्मिग्) मुख्य है। यहाँ से कृषि-पैदावार जर्मनी और