पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/१६३

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ जाँच लिया गया।
धुरी राष्ट्र
१५७
 


कार प्राप्त नही हैं। नागरिक स्वाधीनता तो वहॉ नाममात्र को भी नही है। इन रियासतो मे राष्ट्रीय आन्दोलनो का बहुत बुरी तरह दमन किया जाता है। काग्रेस द्वारा भारत मे जो राष्ट्रीय आन्दोलन होरहा है उससे प्रभावित होकर देशी राज्यों की जनता में भी जागृति पैदा होगई है और इन रियासतो मे उत्तरदायी शासन की स्थापना के लिए मॉग की जा रही है।






धरना--यह सत्याग्रह का एक रूप है। सन् १९२०-२१ और १९३०-३२ के सत्याग्रह आन्दोलन में विदेशी वस्त्रो के बहिष्कार, मादक द्रव्यो के निषेध तथा स्कूल और कालिजो मे विद्यार्थियो को जाने से रोकने के लिए, सत्याग्रहियो द्वारा, इसका प्रयोग किया गया। सत्याग्रही दूकानो पर तथा कालिज और स्कूल के द्वार के सामने खड़े होकर ग्राहको तथा विद्यार्थियों से शान्तिपूर्ण आग्रह करते थे कि वे विदेशी वस्त्रो, शराब आदि को न बेचे-ख़रीदे तथा सरकारी स्कूल व कालेज में अध्ययन न करे। सन् १९४२ मे सीमान्त प्रदेश मे लालकुर्ती दलवालो ने अदालतो पर धरना दिया तथा विद्यार्थियो ने शिक्षा-संस्थाओं पर।

धुरी राष्ट्र--रोम-बर्लिन-धुरी (Axis)--इन शब्दो का प्रयोजन इटली तथा जर्मनी की राजनीतिक सहकारिता से है। सन् १९३५ मे जब इटली ने अबीसीनिया को अपने साम्राज्य मे हड़प करने के लिए उस पर धावा किया तब इस नीति का श्रीगणेश हुआ। सन् १९३७ मे कामिण्टर्न-विरोधी समझौते से यह सहचारिता और भी सबल होगई। १९३८ मे हिटलर और मुसोलिनी एक-दूसरे से मिले। इसी वर्ष सितम्बर मास में जर्मनी द्वारा चैकोस्लोवाकिया के संघर्ष में इटली चुप रहा। जर्मनी को प्रसन्न करने के लिए इटली ने यहूदी-