पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/१६७

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ प्रमाणित हो गया।
नशाबन्दी
१६१
 


सन (गारंटी) दिया था। इसके अनुसार उपर्युक्त नौ-राष्ट्र चीन में स्थायी सरकार स्थापित करने के लिये प्रतिज्ञाबद्ध थे, साथ ही चीन मे सभी राष्ट्रो के व्यापार के लिये द्वार खुल गया था और किसी राष्ट्र को चीन में विशेष अधिकारों की मनाई करदी गई थी। सन् १९३१ मे जापान ने चीन के मंचूरिया प्रदेश पर हमला करके और १९३७ मे चीन के विरुद्ध युद्व छेड़कर इस सन्धि का उल्लघन सबसे पहले किया। बाद में सात राष्ट्र अपने स्वार्थो की रक्षा के लिये ब्रुसेल्स मे इकट्ठे हुए, किन्तु सन्धि-रक्षा के लिये वह कुछ कर न सके।

नवीन योजना--सन् १९२९ के विश्व-व्यापी आर्थिक-सकट के निवारण के लिये सन् १९३३ में अमरीकी राष्ट्रपति रूज़वेल्ट ने अपने संयुक्त-राज्य के लिये एक योजना तैयार की थी जो New Deal के नाम से प्रसिद्ध है।

इस नवीन योजना के अनुसार सरकार की ओर से क़र्ज़ देने की व्यवस्था की गई तथा जनता की क्रय-शक्ति को बढाने के लिये प्रयत्न किया गया। डालर की क़ीमत ४० फीसदी तय कर दी गई। सरकारी सहायता से जनता के लिये भवन-निर्माण की योजना बनाई गई। इस योजना को सफल बनाने के लिये सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दीगई। बेकार मज़दूरो की भर्ती के लिये प्रयत्न किया गया।

मज़दूरो को अपने संघ बनाने के लिये प्रोत्साहन दिया गया। सामाजिक बीमा के लिये भी प्रबंध किया गया। किसानो को सहायता देने की व्यवस्था की गई। कृषि-प्रबंध-संस्था (Agricultural Adjustment Administration), सार्वजनिक भवन-निर्माण-सस्था (Public Works Administration), कार्यप्रगति-संस्था (Works Progress Administration) और भवन-व्यवस्था-संस्था (Housing Authorities) ने अपने विभागों की योजनाओं पर १५ अरब डालर से भी अधिक धन व्यय किया। इस योजना ने यद्यपि अमरीका की बेकारी को दूर नही किया, तथापि १ करोड ७० लाख बेकार मज़दूरो की संख्या में केवल ७० लाख की कमी होगई।

नशाबन्दी—भारतीय राष्ट्रीय महासभा कांग्रेस के रचनात्मक कार्य-क्रम में महात्मा गाधी ने नशाबन्दी को विशेष महत्व दिया है। जब जुलाई १९३७ में कांग्रेसी सरकारे बनी, तब महात्माजी ने उन्हे यह आदेश दिया कि वे