पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/१७८

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ जाँच लिया गया।
१७२
नौकरशाही
 


स्याऍ," "पिता के पत्र पुत्री के नाम," "लडखडाती दुनिया," आदि विश्व-विख्यात पुस्तके है। इनके हिन्दी अनुवाद भी प्रकाशित होचुके है।

नोवेले पुरस्कार--ए० वी० नोबेल स्वीडन का एक रसायन-शास्त्री, वैज्ञानिक तथा इञ्जीनियर था। सन् १८९६ मे उसकी मृत्यु हुई। उसने अपने जीवन मे कई युद्वोपयोगी विस्फोटक रासायनिक अन्वेषण किये, जिनसे वह थोडे ही समय मे मालामाल होगया। मृत्यु के उपरान्त, उसकी आन्तरिक इच्छा-पूर्ति के लिए, एक ट्रस्ट बनाया गया और उसकी ओर के प्रति वर्ष पाॅच पुरस्कार भौतिक-विज्ञान, रसायन-शास्त्र, शरीर-विज्ञान अथवा चिकित्सा, साहित्य तथा सान्सारिक शान्ति के

Antarrashtriya Gyankosh.pdf


लिए ससार के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक, लेखक, कवि तथा शान्ति-प्रचारक व्यक्ति वा सस्था के भेट किये जाने की व्यवस्था कीगई। पिछले १७ वर्षों मे,शान्ति-प्रयास के लिये, यह पुरस्कार तीन अँगरेज सर आस्टिन चेम्बरलेन, सर नार्मन ऐञ्जेल तथा लार्ड सैसिल को प्राप्त हो चुका है। प्रत्येक पुरस्कार एक लाख रुपये से अधिक का है। भारतीयो मे अब तक यह स्वर्गीय रवीन्दनाथ ठाकुर को(साहित्य) और सर चन्दशेखर वेङ्कट रमण को(भौतिक-विज्ञान) मे मिल चुका है।

नौकरशाही-उच्च राज-कर्मचारियों द्वारा किसी देश का यथेच्छ शासन। जो देश का नौकर होकर भी उस पर मनमानी हुकूमत करे--जैैसे भारत के सिविल सर्वेन्ट (नौकर)। भारत मे यह शब्द सन् १९१६ बहु-प्रचलित है, जबकि, यथेष्ट राजनीतिक विकास के अभाव मे यहाॅ, इडियन सिविल सर्विस के सदस्यो द्वारा, शासन-सूत्र सचालित होता रहा। बीच के कुछ राजनीतिक सुधारो के बाद जब, नवम्बर १९३९ मे, युद्ध के प्रश्न पर काग्रेस मन्त्रि-मण्डलो के त्याग-पत्र दे दिए तब मदरास, बम्बई, सीमाप्रान्त, बिहार, उडीसा (जहाॅॅ