पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/१९१

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ जाँच लिया गया।
पैपेन
१८५
 






पैंजर-सेना--यह एक प्रकार की जर्मन-सेना का नाम है। इस सेना में ४८ भारी टैंक, ८४ छोटे टैंक, २५२ हलके टैंक, २५० फौजी मोटर लारियाँ, ९३ तोपे, २७ बम-वर्षक और २५८ मोटर साइकिल सवार होते हैं। इस सेना का अपना एक हवाई सैनिक-दल भी होता है। सबसे आगे मोटर साइकिल-सवारों का दल चलता है। इसके पीछे टैंक-विध्वंसक तोपो का दल होता है। सेना के सबसे पीछे इञ्जीनियरो का दल होता है। यह दल समय-समय पर रण-क्षेत्र की दुरुस्ती करता है। जब यह पूरी सेना एक दिशा में इस प्रकार चलती है तो इसका आगे का भाग नुकीला होजाता है। इससे इसको शत्रु की सेना को वेधकर भीतर प्रवेश करने मे बहुत मदद मिलती है। यह सेना धावा बोलने में

Antarrashtriya Gyankosh.pdf


बड़ी तीव्र होती हैं। फ्रान्स की हार का एक कारण पैंज़र-सेना का भीषण आक्रमण भी था।

पैपेन, फ्रान्ज वोन--जर्मन राज- नीतिज्ञ। विगत विश्वयुद्ध के समय अमरीका में जर्मनी की ओर से सामरिक-दूत था। अमरीका के हथियारों के कारखाने को उड़ा देने के षड्यन्त्र से सम्बन्धित पाया गया और अमरीका से निकाल दिया गया। उसने अपना एक दल