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पैसफ़ील्ड
 


क़ायम किया और जर्मनी के राष्ट्रपति हिंडेनवर्ग को प्रभावित कर १९३२ मे, कुछ दिनो के लिये, जमनी का चान्सलर बन गया। १९३३ ई० मे यह पद त्याग दिया और हिटलर को नात्सी सरकार बनाने में मदद दी। सन् १९३४ मे उसने हिटलर के विरुद्ध विद्रोह करना आरंभ कर दिया। हिटलर ने उसके सहयोगियो को ३० जून १९३४ को मरवा डाला, परन्तु पैपेन को छोड़ दिया। बाद मे वह हिटलर का सहयोगी बन गया। आस्ट्रिया में राजदूत बनाकर भेजा गया और अब, पिछले चार साल से, तुर्की मे नात्सी-राजदूत है।

पैराशूट--जगी छतरी जिसके ज़रिये उढ़ते हुए वायुयान मे से सैनिक भूमि पर उतरता है। वर्तमान युद्ध मे पहली बार जर्मनी ने, शत्रु-देशों में सेनाएँ उतारने के लिए, इस जंगी छतरी का बहुत प्रयोग किया। जर्मन सैनिक पैराशूट से नीचे उतरते समय एक छोटी मशीनगन तथा एक मोटर बाइक लेकर उतरते हैं। जर्मनी सबसे बडे पैराशूट का प्रयोग कर रहा है। पैराशूट का व्यास ३० फीट होता है। पैराशूट २०० पौड वजन नीचे उतार सकता है। इसमे १४० पौड तो सैनिक के शरीर तथा वस्त्रो का वज़न तथा ६० पौड वज़न उसके अस्त्रों आदि का होता है। कम-से-कम १५० फीट की ऊँचाई से इस छतरी का प्रयोग किया जा सकता है और अधिक-से-अधिक ६ मील की ऊँचाई से। इसके द्वारा सैनिक बहुत मन्द गति से नीचे उतरता है। उतरने की रफ्तार १६ मील फी घन्टा है। कहा जाता है कि जर्मनी ने जब हालैण्ड पर आक्रमण किया तब एक दिन में ५०० सिपाही पैराशूट से उतारे। इनमे से ४३८ तो मर गये शेष ६२ ही सकुशल भूमि तक पहुँच सके।

पैसफील्ड, लार्ड--पहले इनका नाम सिडनी जेम्स वैब था। यह ब्रिटिश मज़दूर नेता हैं। सन् १८५९ मे जन्म हुआ। सन् १८८३ से फेबियन सोसाइटी के नेता हैं। इन्होने मार्क्सवाद के विरुद्ध ब्रिटिश समाजवाद के 'क्रमिक प्रगतिवाद' सिद्धान्त का विकास किया, जिसे १९१८ मे ब्रिटिश मज़दूर दल ने अपना लिया। इन्होने कई महत्वपूर्ण ग्रन्थ लिखे हैं। इनकी सम-विदुषी सहधर्मिणी ने भी इनके साहित्यिक उद्योग मे सहयोग दिया और कई पुस्तके लिखीं। १९२२ से १९२९ तक, प्रथम मेकडानल्ड-सरकार के , कामन्स सभा के मजदूर-दली सदस्य रहे और इसी सरकार मे १९२९ से