है, और अब इनकी सख्या, युध्द की पूर्वकालीन सख्या से, बहुत अधिक है । १६४० के पतभ्कड मे सयुक्त-राष्ट्र अमरीका से ५० विब्बन्सक ब्रिटिश जल-सेना को मिले । युध्द से पूर्व नौ-सेना मे १,३३,००० सैनिक थे इनके अतिरित्क ७०,००० सुरक्षित नौ-सैनिक थे । उपर्युक्त अंको मे आस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैएड और कनाडा की युध्द-पूर्व संख्या भी शामिल है। ब्रिटिश नौ-सेना ससार में सबसे शक्तिशाली थी । सयुक्त-राष्ट्र अमरीका का नम्बर प्रथम मान लिया गया है, किन्तु, वास्तव में, लड़ाई से पूर्व, वजन मे अमरीकी नौ-सेना के युध्द-पोत आदि कुछ कम थे । अब तो अमरीका मित्र राष्ट्रो के लिये बहुत बडी मात्रा मे युध्द-सामग्री तेजी से बना रहा है, जिनमे नौ सेना की सामग्री भी है । ब्रिटेन लन्दन नौ-सेना-सन्धि का सदस्य है । ब्रिटिश युनियन— सर ओसवाल्ड मोसले का फासिस्त आन्दोलन । ब्रिटिश साम्राज्य— (ब्रिटिश ऐम्पायर, किन्तु 'ब्रिटिश कामनवैल्थ' जिसे अब अधिकतर कहा जाता है) क्षेत्रफल १,३२,६०,००० वर्गमील अथवा समस्त भूमंडल का पॉचवॉ भाग । जन-संख्या ४८,७०,००,००० अर्थात् मानव-जाति का पचमाश । ब्रिटिश-साम्राज्य अथवा ब्रिटिश राष्ट्र-समूह (कामन-वैल्थ) मे, भूमंडल के विभिन्न भूमागो मे, निम्नलिखित देश हैं— योरप— ग्रेटब्रिटेन और उत्तरी आयलैंएड, आयर, शजिब्राशंल्टर, माल्टा । एशिया— अदन, पैरिम और बन्दरगाह, बाहरीन द्वीप -समूह, वोर्नियो (जापान द्वारा, अप्रैल '४२ मे विजित), ब्रुनी और सारावाक, ब्रम्हा (अप्रैल '४२ मे जापान द्वारा विजित,किन्तु जिसे वापस लेने के लिये, अगस्त '४२ से सयुक्त-राष्ट्र प्राणपन से चेष्टा कर रहे है), लड्का, साइप्रस, हाग्कांग (जापान द्वारा विजित), भारत, स्टेट्स सेट्लमेएट (जापान के विश्वास-घात का शिकार), मलय स्टेट्स (सघशासित और असघ-शासित दोनो, सुदूरपूर्व के युध्द मे जापानी-साम्राज्य-लिप्सा के शिकार), फिलस्तीन । अफ्रीका— केन्या उपनिवेश और बन्दरगाह, यूगाएडा, जॅजीवार (पैम्बा के भाग सहित); मारीशस, न्यासालैएड, सेन्ट हैलीना और असेन्शन; सेच— शुमालीलैएड; बेचुआनालैएड, दक्षिण रोडेशिया, उत्तरी
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