पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/२३३

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भारत २२७ /// एल पाल लाIPI | Jaभका। पोटी । प्रशान्त » मा सागर भरि || फासिस्ती फौजी अधिनायक तत्र कायम है । जुलाई १९४१ मे यहाँ ब्राजील नात्सी-षड्यंत्र का भण्डाफोड होचुका है। दिसम्बर ४१ मे जब अमरीकी संयुक्त-राष्ट्र ने जापान के विरुद्ध युद्ध-घोषणा की तो बोलिविया भी उसमे शामिल होगया, और अप्रैल १९४३ मे उसने धुरी राष्ट्रो अर्जेन्टाइन के विरुद्ध युद्ध-घोषणा करदी । । प्रजातन | बोहेमिया-चैकोस्लोवाकिया का प्रमुख प्रान्त। इसकी राजधानी प्रेग भी इसी प्रदेश में है। यह मध्य योरप में स्थित है, इस कारण योरप की राजनीति की यह धुरी रहा है। बिस्मार्क ने कहा था“बोहेमिया का स्वामी ही योरप का स्वामी है। मार्च १९३६ मे,चैकोस्लोवाकिया पर अधिकार जमाने के बाद, जर्मनी ने इस प्रांत को अपने राज्य में मिला लिया।

E भारतबरतानवी राष्ट्र-समूह का सदस्य-देश-नही एक ‘साम्राज्य’-- ब्रिटिश-साम्राज्य का मुकुटमणि । किन्तु ब्रिटिश कामनवैल्थ मे, लगभग दो सौ साल के बरतानवी-शासन के बाद भी, जिसकी स्वतन्त्र कोई स्थान नही, राष्ट्रीय अस्तित्व नही । संसार को जिसने मानवता के आदिम-युग में ज्ञान-ज्योति दी, सभ्यता का ज्ञान-दान दिया । मानव-संस्कृति का जो आदि-गुरु रहा, किन्तु इस दो-सौ साल मे पाश्चात्य सभ्यता ने जिसकी सांस्कृतिक प्राणधारा का आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक सभी दृष्टियो से, भीषण शोषण कर डाला है । एशिया के दक्षिण में स्थित । क्षेत्रफल १८,०८,६८० वर्गमील; जनसंख्या