पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/२६३

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मंगोलिया २१७ भाषा तथा बोलियो में भी मिन्नता है : एक गॉव कुछ बोलता है, दूसरा कुछ। जिन देशो को इसमें गिना जाता है, उनको मिलाकर जनसंख्या २० से ४० लाख तक है। द्वितीय बलकान-युद्ध ( १९१३ ) के बाद मकदूनिया को सर्बिया तथा यूनान ने आपस में बॉट लिया । सन् १९०० ई० मे मकदूनिया में तुर्क-शासन को उखाड़ फेंकने के लिये एक गुप्त संस्था बनी । इसके सदस्य ‘कोमिताजी' कहलाते थे । १९१३ के तुर्क-बलकान-युद्ध मे कोमिताजियो ने बलकान-राष्ट्रो का साथ दिया । किन्तु पीछे यह लोग सर्बियनो और यूनानियो से असन्तुष्ट होगये । पिछले युद्ध के बाद तक यह स्थिति रही और बलग़ारिया अस्त्र-शस्त्रादि तथा इटली रुपए-पैसे से इनकी मदद करते रहे । कोमिताजी सर्बियन गॉवो पर हमला करते, विरोधियों को मारते और राजस्व वसूल करते थे । इन्होने समानान्तर सरकार क़ायम करली थी। विरोधियो को अपनी अदालतो से मौत की सज़ा देते थे। पीछे इस दल मे भी विवाद उठ खडा हुआ और, १९३४ में, बलारिया की उथल-पुथल के समय, यह दल छिन्नभिन्न होगया । अप्रैल १९४१, मे जब जर्मनी ने यूगोस्लाविया और यूनान पर चढाई की तो उन्होने यूगोस्लावी-मक़दूनिया और यूनानी-मक़दूनिया को भी अधिकृत कर लिया। मंगोलिया ( भीतरी भाग )-क्षेत्रफल लगभग ४,००,००० वर्गमील, जनसंख्या २,५०,०००; चीन की उत्तर-पश्चिमी सीमा पर स्थित; ख़ासकर ख़ानाबदोश मंगोलियनो से बसा हुआ; अनेक राजाओ द्वारा शासित; नाममात्र के लिये चीन का प्रान्त, किन्तु सन् १९३२ से जापान के प्रभाव मे, जहाँ जापान, मेचूको की भॉति, कठपुतली-सरकार क़ायम करना चाहता है । सामरिक-दृष्टि से महत्त्वपूर्ण देश । | मंगोलिया ( बाहरी )-सरकारी नाम मंगोलियन प्रजातंत्र; क्षेत्र १५,००,००० वर्ग०; जन० ५,५०,०००; राजधानी उलान बतोर । १९११ ई० तक यह देश चीन के अधीन था, बाद को स्वाधीन होगया । लामा महन्तो की घरकार थी और ‘हुतकत' या प्रधान लामा यहाँ शासन करता था। सन् १६२४ में, सोवियत रूस की सहायता से, मंगोलिया के प्रजा-दल ने क्रान्ति