पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/२७३

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मसाजि २ह७ मकान के दल में २८ सदस्य हैं । वह वर्धमान युद्ध में अमरिका के- भाग लेने के विरुद्ध: है । जनरल हट-नेम से नवम्बर १९४० में उसका सम्बन्ध टूट नया. मसारिका, टामस मैं१.पू--८वैक राजनीतिज्ञ तथा दार्तनेक; जन्म सर १८५०, मृत्यु १९३७ ई०; जै-वैसी/वाकी-प्रजा. का संस्थापक तथा प्रथम राष्ट्रपति । इसका बाप कोचवान था । सन् १८७२ में बीयना विश्य१वेद्यालय से पीव', ती० बना और १८७८ ई० में वहीं उह एक कालेज में अध्यापक- होगया 1 एक अमरीकी को से विवाह किया और, सन् १८८२ में, आयोग दे-, जैक विश्वविद्यालय मे, दर्शन-शास्त्र का प्रोफेसर होगया । सन् १८९१ में उसने प्रगतिशील जैक-दल की स्थापना की, और सन् १८९१ ब, बीयना पाले-ट का सदस्य चुना गया । जैक-प्रान्त के तत्-कालं-न अधिपाति अर्ध-ड़-यन- सासाज्य के संधीकरण का आन्दोलन और आहि-या की जर्मन-पोषक छोर रखाव-विरोधी जैदेत्शंक वाति का उसने 1नवेरीध किया । सब १९१४ ने जब प्रथम विश्व-युद्ध- आराम हुआ, तो मसादिक- ने, आहि-यन-खाश-शय दे; सम्पूर्ण विनाश के (लेभे, कार्यक्रम बनाया । १९१५ से (यारी-ट-या दे-: (रेक: संधर्ष करने हो:-.- लिये, जैक-प्रजा हो:-, सगठन दे-: अलि-पू-ये यह (द-देश गया । इस:---: मवाद वह लन्दन होब: 1षलस कात्लेज में (त्-ल-स्व-रार-वष-ण कन प्रेग्रेसर (नेयुक्र- किया गया, जहन उसने "लस राष्ट्र-. सकी समस्या" [प-पर पर उपवन दिये । १९१६ में यर कान्त गया, जहन उड 'लम-धिरे रबर-धार जी: त्र समझाया ई-धि आधि-हुँ-यन-सामन्य का ।"८१त्न्न-.६ज्य गो-जनाना य-ज्ञा-रह-री है । 'यर-शत्-लिय. का सगठन करने. मा-गौ-त्-तृप्ति उप-: याद सन् १९१८ उप, ९र अ-रास सर । मान १९१८ में मरखा-रेक अमरीका गया दृ-आर राष्ट्रपति ई-तल-न रे; प्र'." । राष्ट्र-गाते विल्दन पहले इस विचार ब:..-, थे अम्म, ऐ-शत्-से-कारन-पामर-सप र-:, [रा' रहे, (डि-त्-त उ-रायों राय-शासन र:थ.त्पे२र हय, । "-श्रपभी न-पुत्र-तेर" में, नम-रई-चरा-, न, तम, यहि, यर -९२पर ।देया (::: संधि उ-: रव/मय उतारे-त्-रया 'डरा यद-प्रेप-रा हैं-पय-बद निब मा: [2:..::.: गांरेत्पमन्यचज्ञाप, मसजी-र राव-, मनेस-पूति--: में अ-पत्त-यर ::7- (राष्ट्र-ष-प्र-:-,--------"-:-:- पाल: व्यय/निर-प्र-ग्रेनिच-, बाप-.-." य-बरि::...-, ब-मप-नादु-रे यद्वा-रा :2::..:7;::::;773.:.::- औ":-, र सई जन-:: । १:द 'मंत्री-रा: १९१८, अन्द-वार-प-भ-पूरन उ, ट-इ-म्.-:-----::- तो हैं-: ठी--;:, "र-बारानी-न बरी रपाधीनता यत्, देयता-भल उ---, । जारा".-:---'--------:.-)".-'-:.-"-: स्वर