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पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/२८५

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जेल-यात्रा भी की है। अ० भा० कांग्रेस कमिटी के पुराने सदस्य रहे हैं। आप गुजराती के सुप्रसिद्ध साहित्यकार, लेखक, पत्रकार और उच्च कोटि के उपन्यासकार हैं। गुजराती साहित्य-कोष का सम्पादन भी आपने किया है। सन् १९३७-१९३८ तक बम्बई की कांग्रेसी प्रान्तीय सरकार के स्वराष्ट्र-मंत्री (Home Minister) रहे। युद्ध के प्रश्न पर कांग्रेस मंत्रि-मंडल के साथ आपने भी त्यागपत्र दे दिया। सन् १९४१ मे कांग्रेस की साम्प्रदायिक-निर्णय-सम्बन्धी नीति पर गांधीजी से आपका मतभेद होगया और आपने कांग्रेस को त्याग कर 'पाकिस्तान' के निराकरण मे 'अखंड हिन्दुस्तान' आन्दोलन की नींव डाली। 'सोशल वैलफेयर' नामक साप्ताहिक आपने निकाला है, जिसके द्वारा आप अपने विचारो का प्रतिपादन कर रहे है।

मुफ्ती आज़म--(यरूशलम का), इस्लाम का धर्माचार्य, अरब का राष्ट्रीय नेता, नाम हज अमीन एफन्दी अल् हुसैनी, अवस्था ४५ वर्ष, काहिरा, यरूशलम और कुस्तुन्तुनिया मे तालीम पाई, अपने भाई के बाद, सन् १९२१ मे, यरूशलम का मुफ्ती बना, सन् १९२३ मे सुप्रीम मुस्लिम कौंसिल का अध्यक्ष हुआ, १९३१ ई० मे यरूशलम मे मुस्लिम कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया। विगत विश्वयुद्ध मे मुफ्ती ने, तुर्कों के ख़िलाफ़, बरतानिया का पक्ष लिया किन्तु, फ़िलस्तीन मे यहूदियो को बसाने के प्रश्न पर, वह ब्रिटेन के विरुद्ध हो गया। आज बीस वर्षों से वह, फ़िलस्तीन मे यहूदी उपनिवेश बसाये जाने के प्रतिरोध मे, बरतानिया के विरुद्ध, अरबों मे आन्दोलन कर रहा है। उसे १० साल क़ैद की सज़ा दी गई थी, परन्तु बाद मे रिहा कर दिया गया। उसका फ़िलस्तीन-अरब दल, जो मुफ्ती दल भी कहलाता है, फ़िलस्तीन मे सबसे बडा दल है। सन् १९३७ मे मुफ्ती अरब की उच्च संस्था का अध्यक्ष बना। दूसरे अरब नेताओं के साथ मुफ्ती पर फ़िलस्तीन मे प्रवेश-निषेध लगाया