पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/२९४

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में तेलझग्यनियो के मजदृहुँउ ने, सरकारी मदायता से, भकृर्ट्स बे वृदि कराली, कम्पनियों ने इसका पालन नहीं किया । १३ मार्च ११३८ को सरकार ने कम्पनियो से तेल के कुएँ ले लिये ओर उन्हें एक राष्टहुँय प्रत्रघ-समिति के अधीन कर दिया, जिसमे के प्रतिनिधि भी थे । फलत: मैक्सिको और दूसरे देशी में राजनीतिक झगडा उठ खडा हुआ ओर मैक्सिकों ने वरतानियामें तेलझग्यनियो के मजदृहुँउ ने, सरकारी मदायता से, भकृर्ट्स बे वृदि कराली, कम्पनियों ने इसका पालन नहीं किया । १३ मार्च ११३८ को सरकार ने कम्पनियो से तेल के कुएँ ले लिये ओर उन्हें एक राष्टहुँय प्रत्रघ-समिति के अधीन कर दिया, जिसमे के प्रतिनिधि भी थे । फलत: मैक्सिको और दूसरे देशी में राजनीतिक झगडा उठ खडा हुआ ओर मैक्सिकों ने वरतानियामजदृदु-सघ के अधीन है । इन सत्र व्यवसायों मे विदेशियो का रुपया लगा५ हुआ था । क लिये यह याजना तयार की गई है कि २०० ० एक्रड से अधिक की जमोंदारियों को तोङ दिया जाय 1 ५० लाख एकड भूमि, कार्डेनाज़ के शासनकाल ये, ५ लाख किसानों को दी जा चुकी हें, किंन्तु अभी ढाई लाख किसान भ्रूमि-हीन हैं । यह पुनचिंभाजित झूमे ग्राम-संघ(एदीजो) के अधिकार मे रहती है, जिसे वह किसानों को उटा देता हें । वे उसे युरुतानपुश्व जोत-वो सकते हैं, उनकी वह भौरूसी हो जाती है । परन्तु यदि कोई किसान दो सालसेअधिक समय तक उस पर काश्त नकरे, तोवह उससे वापस ले ली जाती है ।राष्ट्रपति ने महि"लाओ को विशेषमताधिकार दियाहै तथा शिक्षाडत्तबघी सुधार भीकिये हैं । जबरुपेन भे गृइ-युद्धहुआ तो प्रजार्त्तत्रड।