पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/२९७

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मोलोतोफ़, साथ युद्ध-समिति में दिया था । अन्य दल, विरोधी होजाने पर भी, युद्धसमिति मे कर्टिन के साथी हैं। आस्ट्रेलियन सेनाये निकट और सुदूरपूर्व में लडी हैं और बरतानी साम्राज्य के अन्य भागो में लड़ रही है । मैन्शेविक--नरम-दली रूसी समाजवादी जिन्होने, सन् १९०३ मे रूसी समाजवादी दल में फूट पड जाने के बाद, बोलशेविज्म का विरोध किया, विशेषकर १९१७ की क्रान्ति के समय । यह अल्प-सख्यक दल था । “मैन्शेविक का रूसी भाषा में अर्थ है 'अल्पमत' । । मैमल प्रदेश उत्तर-पूर्वी जर्मनी की सीमा पर एक प्रदेश क्षेत्रफल १,००० वर्ग०; जन० १,५०,०००, जिसमे जर्मनो का प्राधान्य है, शेष लिथुआनियन हैं। लिथुआनिया को बाल्टिक सागर तक रास्ता देने के हेतु मैमललैण्ड और मैमल बन्दरगाह, वर्साईं की संधि के अनुसार, जर्मनी के अधिकार से लेकर लिथुआनिया को दे दिये गये । यह प्रदेश पहले मित्रराष्ट्रो के राजदूतो की परिषद् के नियंत्रण में रखा गया । सन् १९२३ मे लिथुआनिया ने इसे अपने राज्य में मिला लिया। जर्मनी में राष्ट्रीय समाजवादी आधिपत्य स्थापित होने के बाद मैमल-प्रवासी जर्मनों में जर्मनी के साथ मिले जाने की भावना वृद्धिङ्गत होउठी । मैमल मे स्वायत्त-शासन स्थापित था । १६३५ मे मैमलपार्लमेण्ट मे नात्सीवादी जर्मन-दल के सदस्य सबसे अधिक चुने गये । इस प्रकार अपनी उद्देशपूर्ति को बाक़ाइदा मार्ग उन्होने निकाल लिया। लिथुआनिया की सरकार ने जर्मनो का दमन आरम्भ क्रिया, किन्तु वह व्यर्थ सिद्ध हुआ। तब उसने मैमल-प्रवासी जर्मनों को बहुतसी रिआयते देदीं । .:, दिसम्बर १६.३८ के डायट (पार्लमेट ) के चुनाव में जर्मनो को ८७ फ़ीसदी मत प्राप्त हुए । २२ मार्च १९३९ को, चैकोस्लोवाकिया का अपहरण करने के बाद जर्मनी ने, मैमल प्रदेश उसे सौप देने के लिये, लिथुआनिया को युद्ध-चुनौती दी । लिथुआनिया दब गया, मैमल-प्रदेश जर्मनी में मिला लिया गया और मैमल-बन्दर को स्वतंत्र बनाकर लिथुआनिया के पास रहने दिया गया । मोलोतोफ, व्याचस्लाव मिखाइलोविच सोवियत , रूस का राजनीतिज्ञ तथा वैदेशिक-मंत्री, सन् १८६० मे पैदा हुआ । राजनीतिक लेखक बन