पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/३२५

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रिज़र्व बैंक ३११ एक पुत्र भी दोनो से है । मा बेटा दोनों रूस में ही है । सन् १९४०-४१ में देशव्यापी दमन के समय आपको भी पकडकर देवली कैम्प-जेल भेज दिया था, जहाँ समस्त भारत के समाजवादी और साम्यवादी रखे गये थे। सन् १९४२ के शुरू मे जब सरकार और साम्यवादियों के बीच समझौता हुआ, तब सबके साथ आप भी रिहा कर दिये । आप गाधीवाद के विरोधी तथा किसान-नेता थे, और अब अगुआ कम्युनिस्टो में माने जाते हैं । रिजर्व बैंक आफ़ इंडिया--सन् १९३४ में भारतीय व्यवस्थापिका सभा ने रिज़र्व बैंक आफ इंडिया क़ानून स्वीकार किया, जिसके अनुसार १, अप्रैल १९३५ को, भारत मे रिजर्व बैंक की स्थापना कीगई, जिसकी पूजी ५ करोड़ रुपया है । इस बैंक के महत्वपूर्ण कार्य और अधिकार कानून द्वारा निर्धारित हैं, जो इस प्रकार हैं:-( १ ) भारत मे नोट तथा सिक्के जारी करना । ( २ ) भारत सरकार तथा भारत के समस्त बैंको का रिज़र्व बैंक महाजन है । ( ३ ) देश की आर्थिक अवस्था की रक्षा करना तथा बैंकिग और आर्थिक उन्नति के कार्य मे मार्ग-प्रदर्शन करना । ( ४ ) रुपये की विनिमयदर स्थिर करना । ( इस समय का दर है १ रुपया = १ शिलिग ६ पैंस ) । ( ५ ) प्रत्येक बैंक को, जो रिज़र्व बैंक की परिशिष्टि मे दर्ज है, एक निश्चित मात्रा मे इस बैंक मे अमानत जमा रखनी होगी । ( ६ ) बैंक की शरह निश्चित करना ( ७ ) यह बैंक एक विशेष कृषि-साख विभाग स्थापित करेगी । ( ८ ) यह बैंक आगे चलकर इम्पीरियल बैंक का कुल सरकारी काम करेगी । जहाँ इसकी शाखा न होगी, वहाँ इम्पीरियल बैंक काम करेगी। इस बैंक के बम्बई, कलकत्ता, देहली, मदरास मे कार्यालय हैं । रंगून मे भी कार्यालय था । । इसका प्रबंध डाइरेक्टरो के केन्द्रिय बोर्ड के हाथ में है, जिसका संगठन इस प्रकार है:-( १ ) बोर्ड की सिफारश से सपरिषद् गवर्नर-जनरल बैंक के गवर्नर तथा दो डिपुटी गवर्नरो की नियुक्ति करेगा । ( २ ) सपरिषद् गवर्नर-जनरल द्वारा नियुक्त चार डाइरेक्टर । ( ३ ) हिस्सेदारो द्वारा निर्वाचित ठ डाइरेक्टर । ( ४ ) गवर्नर-जनरल द्वारा नियुक्त एक सरकारी अफसर । डिपुटी गर्वनरों तथा मनोनीत सरकारी अफ़सरों को मत