पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/३२६

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३२० रिनौ देने का अधिकार न होगा । उपर्युक्त पाँच नगरों में स्थानीय बोर्ड आफू डाइरेक्टर्स होंगे । प्रत्येक स्थानीय बोर्ड के पॉच डाइरेक्टरों को हित्तेदार चुनेंगे तथा तीन डाइरेक्टरों की नियुक्ति केन्द्रिय बोर्ड द्वारा की जायगी । केन्द्रिय बोर्ड के डाइरेक्टरों का चुनाव स्थानीय बोडों के निर्वाचित सदस्य करेंगे। | रिनौ (Reynaud ), पॉल- फ्रान्स का भूतपूर्व प्रधानमंत्री १५ अक्टूबर १८७८ को पैदा हुआ; शिक्षा प्राप्त करने के बाद पैरिस की अदालत में वकालत का पेशा क्रिया; पिछली लड़ाई में लदा; रूसी राजक्रान्ति के समय नौ-सेनापति कोलचक की सेना में साइवेरिया में रहा; सन् १९२५ और '२८ मे फ्रान्सीसी पार्लमेट का सदस्य रहा । फ्लेदिन के दक्षिणपथी नरम-क्रातिवादी दल में शामिल हुआ और, सन् १९३० के बाद, वह फ्लेदिन और तारयू के मत्रिमडलों में कई बार न्याय-विभाग, अर्थविभाग, तथा उपनिवेश विभाग का मंत्री रहा । अप्रैल १९३८ मार्च १६४० तक दलोदिये की सरकार में अर्थमत्री रहा | फ्रांस की आर्थिक स्थिति में, नये-नये कर लगाकर तथा सरकारी सडक-भवन-निर्माण संबंधी कायों में कमी करके, सुवार किया । वह अधिनायकों को संतुष्ट करने की नीति का सदैव विरोधी रहा । म्युनिव-समझौते के बाद उसका फ्लेदिन और दलादिये से, इस सबध मे, तीव्र मतभेद हुआ । मत्रिमडल से अलग होगया और लडाई में जमकर मुक़ाबला करने के लिये ज़ोरों का प्रचार करता रहा । जनता ने उसकी दाद दी । दलादिये-सरकार के त्याग-पत्र देने के बाद, २३ मार्च १६.४० को, रिनौ फ्रास का प्रधानमंत्री बना और जर्मनी के विरुद्ध ज़ोरों का युद्ध-सचालन जारी रखा । किंतु, न ४० मे, फ्रास की पराजय के