पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/३२८

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३२२ रूज़वैरट तन्त्रवादी दल की ओर से, न्यूयार्क स्टेट सीनेट के सदस्य चुने गये । सन् १९१२ में उन्होंने वुडरो विल्सन की उम्मेदवारी का समर्थन किया और उनके राष्ट्रपतित्व-काल में, वह नौ-सेना-विभाग के उपमत्री बनाये गये । सन् १९१८ में उन्हे सैन्य-निरीक्षण के लिये योरप भेजा गया और १९१९ में अमरीकी फ़ौजो के तोडे जाने का काम सोपा गया । १६२० में उप-राष्ट्रपति के पद के लिये खडे हुये, किन्तु असफल रहे। इसके बाद सन् १६२८ तक वह न्यूयार्क में वकालत करते रहे। इन्हीं दिनो एक व्यवसायी कम्पनी के उपप्रधान भी रहे । सन् १९२१ में इनकी टॉगो को लकवा मार गया, किन्तु इनका उत्साह भग नही हुशा और राजनीति में भाग लेते रहे । सन् १९२८ र १९३० मे दो बार न्यूयार्क के गवर्नर चुने गये । सन् १९३२ में वह सयुक्त राज्य अमरीका के राष्ट्रपति चुने गये और ४ मार्च १९३३ को उन्होंने अपना पद ग्रहण किया। नवीन योजना (Nerv Deal ) द्वारा आर्थिक तथा सामाजिक सुधार के अनेक काम क्रिये । सन् १९३६ मे वह फिर अमरीका के राष्ट्रपति चुने गये और नवम्बर १९४० में तीसरी बार भी। इस तीसरे चुनाव में आपके प्रतिद्वन्द्वी प्रजातन्त्रवादी उम्मीदवार, वैण्डल विल्की, के मुकाबले आपको ४६,१४,७१८ मत मिले । राष्ट्रपति विल्सन के बाद आपको ही इतने अधिक मत प्राप्त हुए । राष्ट्रपति रूजवैल्ट ने अमरीका की सीनेट तथा प्रतिनिधि-सभा में, १० जनवरी १६४१ को, युद्ध-सहायक मसविदा ( विल ) प्रस्तुत कराया। इस मसविदे मे पॉच प्रमुख बाते हैंः-- ( १ ) मसविदा राष्ट्रपति को यह अधिकार देता है कि वह किसी भी सरकार तथा देश के लिये, जिसकी रक्षा करना, उसकी सम्मति मे, सयुक्त राज्य अमरीका की रक्षा के लिये आवश्यक है, अमरीका के कारखाने आदि में कोई भी सामान तैयार कराये ।। ( २ ) राष्ट्रपति ऐसी किसी सरकार या देश को सेना तथा देश-रक्षा के लिये किसी भी वस्तु को बेच सकेगा और उधार या पट्ट पर दे सकेगा ।। | ( ३ ) राष्ट्रपति देश-रक्षा के लिये किसी भी ऐसी आवश्यक वस्तु की जाँच परीक्षा तथा निरीक्षण कर सकेगा। (४) दूसरी धारा के अन्तर्गत भेजी गई किसी भी वस्तु के सम्बन्ध में वह