पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/३६१

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चेचल् और यह त्र्पाशकडाक कि वह दोनो कही सब प्रकार कि सेना और उसके लवाज़मे को शत्रु के हाथ मे न सोप् दे। वेगा भी फ्रान्स के पतन के लिये उतरदायी है।

       वेवल, फील्ड्मार्शल सर त्र्पार्की-बाल्ड पर्सिवल-भारत के प्रधान सेनाध्यश। ३६ वर्ष् से सैनिकश्रेत्र् मे सेवा कर चूक है। दो वर्ष तक त्र्प्राप वर्त-मान युद मे त्रप्र्र्फ्रीका मे प्रधान-सेनाध्य्क्श् का कार्य बडी कुशलता के साथ कर है। त्र्प्र्फीका मे, सन १६८० मे, जो विजय मित्र-रात्  ने प्राप्त की,उसका मुख्य श्रय सामरिक-कोशल  को है। मिस्त्र तथा पशिचमी के रेगिस्तान मे मे मित्रराष्टो की सेना ने इटालियन सेनात्रो को बुरी तरह पराजित किया। पान्च मास मे ३ लाख युध-बन्दियो सहित  शस्त्र,टैक, मशीनेगने,मित्र्राष्टॄ की सेना के हाथ पाये।
    सन १६० मे जनरल वेवल भारत के--
       पशिचमोतर-सीमाप्रान्त मे सेना मे त्र्प्रक-सर रहे। विगत विश्व-युध(१६१४-१२) मे फ्रान्स,वेलजियम, रुस त्र्प्रो फिलस्ती मे, मित्र रास्त्र्र की त्रप्रोर फिलस्तीन मे, मित्र राष्रत्रू की से। यूध मे भाग लिया । त्र्प्राप युध मे गायल होगये और इस प्रर्कार वीर्तापुर्वक युध मे भाग लेने के उप्लक्ष्य मे, आपको सी०एम०जी०तथा०एम०सी०  कि मह्त्व पद्वियो प्रदान कि गई और गत वर्ष आप फिल्ड मार्शल बनाए गए है।