पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/३७६

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३७० सऊदी अरब सऊदी अरब-जिसे सऊदिया भी कहा जाता है; इब्न सऊद का स्वतन्त्र अरब राज, जो अरन प्रायद्वीप के अान्तरिक भाग, मुख्य अरब और लालसागर के किनारे के भू-भाग, हैजाज, को मिलाकर बना है; क्षेत्र० ४|| लाख वर्ग०, जन० ४५ लाख,राजधानी, अरब के मध्य, नज्द में, अररियाज़ ! मुसलमानों के तीर्थ-स्थल, मका शरीफ और मदीना मुनव्वरा, सऊदिया के ही अन्तर्गत हैं। मक्का इस देश की दूसरी राजधानी माना जाता है और जद्दा, लालसागर पर, यहाँ की प्रधान बन्दरगाह है। नज्द और हैजाज़ को मिलाकर, सन् १९३२ मे, इन सऊद ने इस सल्तनत की स्थापना की । यह प्रदेश विस्तृत किन्तु छितरा बसा हुआ और जिसका अधिकांश भाग सहरी यानी मरुभूमि है । नज्द वहाबी सम्प्रदाय के मुसलमानों का केन्द्र है । वहाबी मुसलमान, धर्म में वाह्याचार के अधिक कायल नहीं । वे पाकबाज और पवित्रतावादी तो हैं किन्तु शान्तिवाद के विरुद्ध वह लडाके और कट्टर हैं । सऊदी अरब, आधुनिक सभ्यता के अनुसार, पिछड़ा हुआ देश है। वहाँ अच्छी सड़कें नहीं हैं, सिर्फ मोटरे वहाँ चलती हैं, थोडे से हवाई जहाज़ और टैंकों से ल्हैस छोटी-सी अाधुनिक सेना है । हैजाज रेलवे मदीना से दमिश्क तक जाती है, किन्तु इसकी हैजाज शाखा इस समय बन्द है। ‘रियाल’ यहाँ का ( हिन्दुस्तानी रुपये के बराबर ) सिक्का है । पूर्वी सऊदिया में मिट्टी का तेल भी निकलता है, जिसका ठेका केलिफोर्निया की स्टैन्डर्ड आइल कम्पनी के पास है । सन् १६४०-४१ मे यहाँ ६ लाख टन तेल निकाला गया। इन सऊद अंगरेजों का दोस्त है, मिस्र और इराक़ से भी सऊदिया की मैत्रीपूर्ण सन्धियों हैं । १९३४ मे इब्न सऊद ने यमन ( अरब के अन्य स्वाधीन राज) पर चढ़ाई करदी, जिसमें यमन की हार हुई । इस युद्ध में सऊदिया को बरतानिया ने और यमन को इटली ने मदद दी ।