पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/४०७

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सीगफीड किलेबन्दी ४०३ स्विट्ज़रलैण्ड की सघीय असेम्बली मे दो धारासभाएं हैं : राष्ट्रीय- परिपद् (National Council) जनता द्वारा अानुपातिक निर्वाचन प्रणाली द्वारा चुनी जाती है । राज्य-परिषद् (Council of State) प्रत्येक प्रान्त द्वारा चुनी जाती है और उसमे प्रत्येक प्रान्त के-उसको आबादी कुछ भी हो-दो प्रतिनिधि होते हैं । संघीय असेम्बली सघीय परिषद् ( गवर्नमेण्ट ) और उसके फेडरल प्रेसिडेन्ट (प्रधान-मन्त्री) का चुनाव करती है । प्रधान-मन्त्री ही राज्य के शासन का प्रमुख होता है । राष्ट्रपति वहाँ अलग नहीं होता । प्रधानमन्त्री एक वर्ष तक अपने पद पर रहता है । तीनों मुख्य जातियों के प्रतिनिधियो को क्रमशः यह पद मिलता रहता है । स्विटजरलैण्ड मे कई राजनीतिक दल हैं । 'नये मोर्चे' तथा 'राष्ट्रीय मोर्चे के नाम से नात्सी दल बने, किन्तु उनका अभी कोई प्रभाव नहीं है। कम्युनिस्ट दल पर वहाँ बन्धन है । नासियो ने वहाँ के जर्मनो को एकाधिपत्य स्थापित करने को उकसाने का प्रयास किया, किन्तु उस देश मे सभी जातियों को सम्पूर्ण रूप से समान अधिकार प्राप्त हैं, इमलिये उनका प्रयास विफल रहा । पाल्प्स पहाड के दरों का रक्षक होने और फ्राम की मीमा पर स्थित होने के कारण इस देश का नामरिक महत्त्व है । पहाडों से घिरा होने के कारण इस देश की स्थिति प्राकृतिक रूपमरक्षिन है । यदों ७ लाग्य नेना है। सीग.मीड किन्नबन्दी-मनी ही पश्चिमी सीमा पर स्थित फिलेवन्दी, जो शाम ही मेजिनो फिलेवन्दी ने मकारले पर बना गई । नन में बढ़ दुर्गपति शीतापद नीन मान ही बना दोगः । १६३६ ले और सर TH - M - m - . -

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