पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/४३६

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ जाँच लिया गया।
हिटलर
४३१
 

हिटलर ४३१ ही डर-धमकी का बाजार गर्म था। ऐसे दिखावटी मत-संग्रह का परिणाम जो होना था वही हुयाः ६६ ५ प्रतिशत मत हिटलर के पक्ष में प्राप्त हुए। राइ- खताग के चुनाव में भी ऐसे ही हथकन्डे इस्तेमाल किये गये, जिसमे केवल नात्सी दल के उमीदवार ही खडे होसकते थे। ___ साम्राज्यवाद तथा शस्त्रीकरण का विस्तार---शस्त्रीकरण का अायोजना तेज़ी से प्रारम्भ किया गया, और, मार्च १६३५ मे, वर्साई की सधि की अव- हेलना करके, जर्मनी मे अनिवार्य मैनिक भर्ती जारी की गई और किसी ने चें तक न की । सितम्बर १६३५ मे यहूदियो के विरुद्ध नूरेम्बर्ग में कानून बनाये गये। हिटलर ने अब जर्मनी से बाहर हाथ डालना प्रारम्भ किया । ७ मार्च १६३६ को लोकार्नो सधि को तोड़कर हिटलर ने राइनलैण्ड पर फिर कब्ज़ा कर लिया । उसने वादा किया कि कब्जा किये हुए इलाके पर वह किलेबन्दी नहीं करेगा । यह भी कहा कि 'पाश्चयो' का युग समाप्त होचुका है, और योरप मे उसे कोई मुल्क नहीं चाहिये । और इस प्रकार हिटलर जर्मनी से वेकारी का अन्त करने में समर्थ हुया । १६३८ मे हिटलर ने साम्राज्य-विस्तार प्रारम्भ कर दिया। जिन सिपहसालारो ने उसकी तजवीज़ का विरोध किया, फ़रवरी १६३८ मे, उन्हें निकाल बाहर किया गया और शस्त्रीकरण पर असीम धन व्यय किया गया । १२ मार्च १६३८ को हिटलर ने आस्ट्रिया पर अपना अधि- कार जमा लिया। इस समय हिटलर ने घोपणा की कि वह योरप में अब किसी भी देश पर विजय प्रात करना नहीं चाहता । गोरिंग को उसने अपनी अोर से अधिकार दिया कि वह ब्रिटिश सरकार के प्रति घोषणा करदे कि जर्मनी कोस्लोवाकिया पर हमला करना नही चाहता ।