पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/४७७

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४७२ भारतीय माम्यवादी दल के अनुसार महात्मा गान्धी और काग्रेस कार्यकारिणी के अन्य सदस्यो सहित, भारत में इस समय अनुमानत..क्योकि प्रमाणित सख्या प्रकाशित नहीं हुई है-आठ से दस हजार तक व्यक्ति, बिना मुकदमा चलाये, जेलो मे बन्द हैं। यह नियम सितम्बर १६३६ से भारत में लागू है। भारतीय साम्यवादी दल-भारत में साम्यवादी दल लगभग १५ वष से स्थापित है, किन्तु जुलाई १९४२ से पूर्व वह गैर-कानूनी सस्था के रूप मे था । जून '४२ मे साम्यवादियो के प्रमुख नेताओं ने सरकार के युद्-प्रयत्नों में सर्व प्रकार से सहयोग देने की घोषणा की । भारत सरकार ने इस दल पर से प्रतिवन्ध हटा लिया और देवली यादि जेलों में नजरबन्द प्राय. सभी कम्यु- निस्ट रिहा कर दिये गये। रूस पर नात्सी-याक्रमण होने के बाद से, ससार के अन्य साम्यवादियो की भॉति, भारतीय कम्युनिस्ट भी वर्तमान युद्ध को जनता का युद्ध कहने लगे हैं । इस दल ने दो तीन मास की अवधि मे ५,४४,२५८) चन्दे आदि द्वारा सग्रह कर अपना कार्य सुचारु रूप से शुरू कर दिया है । दल की ओर से अँगरेजी में 'पीपल्स वार' ('Peoples al') नामक एक साप्ताहिक विचार- पत्र, अगस्त १९४२ से, बम्बई से प्रकाशित होने लगा है, जिसके हिन्दी, गुजराती, उर्दू, मराठी सस्करण भी 'लोक-युद्ध' और 'कौमी जंग' नाम से प्रकाशित होते हैं। इस समय इस पत्र की नीति सरकार के युद्ध-प्रयनों में सहयोग के साथ-साथ भारत में शीघ्रतम राष्ट्रीय सरकार की स्थापना है । पत्र सरकारी दमन-नीति का निन्दक है, और भारत की रक्षा के लिये राष्ट्रीय एकता पर जोर देता तथा काग्रेस के नेताओं की रिहाई और काग्रेस तथा मुसलिम लीग मे समझौते के लिए प्रचार और अान्दोलन करता है। ___ दल का प्रधान कार्यालय बम्बई मे है। श्री पूर्णचन्द्र जोशी दल के प्रधान मन्त्री और पत्र के सम्पादक हैं । भारतीय साम्यवादी दल के नेताओ मे सर्व- कामरेड नायर, शौकत उसमानी, डी० एस० वैद्य, जे० बुख़ारी, के० राजेश्वर . राव, एस० जी० पाटकर, दिनकर मेहता, अयोध्याप्रसाद, सोहनसिह जोश, • मुखोपाध्याय, एस० जी• सरदेसाई, अरुण बोस, वी० भागवत, सोम- लाहिड़ी, गंगाधर अधिकारी, डा० अशरफ, हसन जहीर, राहुल सांस्कृ- 1