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पृष्ठ:Gandhi - Dakshin Afrika Ke Satyagraha (Hindi).pdf/२२

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इतिहास 器 भरपूर मदद मिलती है। किसानो को सलाह देनेके लिए यह खेती के विशेषज्ञों को भेजा करती है। कितने ही स्थानोमे प्रजाके लाभके लिए सरकार अनेक प्रयोग किया करती है। वह नमुनेके खेत रखती हैं, लोगोको मवेशी और वीज मिलनेका सुभीता कर देती है, बहुत थोड़े खर्चेसे बहुत गहरे कुए खुदवा देती है और उसकी कीमत किस्तों में चुकाने का सुमीता किसानो के लिए कर देती है। इसी तरह लोहे के कटीले तारोंकी वाड भी खेतोके इर्द-गिर्द लगवा देती है दक्षिण अफ्रीका भूमध्यरेखाके दक्षिणमे पडता है और हिंदुस्तान उत्तरमे । इससे वहाका सारा वातावरण हिदुस्ता- नियोको उलटा-सा मालूम होता है। वहाका ऋतुम भी विपरीत है। जब हमारे यहा गरमी होती है तब वहा जाके दिन होते है | auer वहां कोई पक्का नियम नहीं दिखाई देता। वह चाहे जव हो सकती है। आमतौरपर २० इचसे अधिक वाfरण नहीं होती । · १२, इतिहास • अफ्रीका के भूगोलपर निगाह डालते हुए जिन विभागोंको हम देख गए है, पाठक यह न समझ ले कि वे आदिकाल से है । विलकुल पुराने जमाने में वहा कौनसे लोग बसते इसका पक्का निश्चय अभी नहीं हो सका हैं। यूरोपके लोग जब दक्षिण अफ्रीकामे नाबाद हुए उस वक्त वहां हवी जातिके लोग रहते थे । यह माना जाता है कि अमरीकाम जिन दिनो गुलामीका चक्र जोर-जोर से चल रहा था उस वक्त ये हवशी वहांसे भागकर दक्षिण अफ्रीकामे आ गये और