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पृष्ठ:Gandhi - Dakshin Afrika Ke Satyagraha (Hindi).pdf/३२

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इतिहास २५ भाषामे होती है और धारा समाके वोअर सदस्य उसीमे भाषण भी करते है। यूनियनकी स्थापनाके बाद सारे दक्षिण अफ्रीकामे दोनो भाषामों, 'टाल' या बच ओर अग्रेजी- को समान पद प्राप्त है, यहांतक कि उसके सरकारी गजट और धारा सभाको कार्रवाईका दोनों भाषाओमे प्रकाशित होना जरूरी है । वोअर लोग सीधे, भोले और धर्ममे पक्की निष्ठा रखने- वाले होते है। वे बडे-बडे खेतो के बीच वसते हे । उनके खेतोके विस्तारकी कल्पना हमें नही हो सकती। हमारे किसानोके खेतके मानी होते है दो या तीन बीघे जमीन । अकसर इससे भी छोटे होते है। उनके खेतोंका स्वरूप यह है कि एक-एक आदमीके पास संकड़ों-हजारो बीघा जमीन होती है। यह सारी जमीन तत्काल जोत डालनेका लोभ भी इन किसानोको नही होता । कोई उनसे दलील करे तो कहते है "पड़ी रहने दो। जिस जमीनको हम न जोतेगे उसे हमारी सतान जोवेगी ।" हर एक बोअर युद्धकलाका पूरा पडित होता है । वे बापसमें भले ही लड़ते-झगड़ते रहे, पर अपनी आजादी उन्हें इतनी प्यारी होती है कि जब उनके ऊपर हमला होता है तो सारे वोअर उसका सामना करनेको जुट जाते है और एकजान होकर लखते है। उन्हें लंबी कवायदकी जरूरत नही होती, क्योकि लड़ना सारी जातिका स्वभाव या सहज गुण है । जनरल स्मट्स, जनरल डी वेट, जनरल हर्जोग, तीनों बड़े बकील और बड़े किसान है और तीनों वैसे ही बड़े लढवैया भी है। जनरल वोयाके पास नौ हजार एकडका एक खेत था । खेतीके सारी पेचीदगिया उन्हे मालम थी। सुलहके लिए जब वह यूरोप गये तब उनके बारेमे कहा गया कि भेड़ोकी परीक्षामे उनके जैसा कुशल यूरोपमे भी शायद ही कोई हो । यही जनरल वोधा