हम सुम्सीट करें कि डॉ० राजेन्द्रप्रसाद द्वारा बुलाओ गभी कमेटी तब तक समाप्त नहीं होगी, जब तक वह देशको मौजूदा अनाजकी भयंकर तंगीको दूर करनेका फोओ व्यावहारिक तरीका नहीं ढूँढ निकालेगी । २६ ज्यादा कम्बलोके दिजे अपील ७-१०-१४७ प्रार्थनाके बाद अपना भाषण शुरू करते हुअ गाधीजीने कहा कि परसों बादसे कुछ कम्बल मेरे पास और आये हैं। जिन दान देनेवालोंको मै धन्यवाद देता हूँ । मगर मुझे यह कहते हुझे दुख होता है कि अगर भिसी तरह धीरे धीरे और भितनी कम तादाद में मह चीज मिलती रही, तो लाखों बेआसरा धरणार्थियोंको इस कम्बल नहीं दे सकेंगे। जनताको जिन्हें भिकट्टे करनेका जैसा बन्दोवस्त करना चाहिये कि थोड़े वक्त बहुत की तादादमें कम्बल जिकडे किये जा सकें । मिन्हें धरणार्थियोंमें ठीक तरहसे वाटनेके लिये या तो आप मेरे पास भेज सकते हैं, या अपनी मर्जीीके किसी अस या सस्यापर भरोसा करके सुन्हे सौप सकते हैं । कांग्रेसके सिद्धान्तोंके प्रति सच्चे रहिये जिसके बाद गाधीजीने कहा कि मुझे यह कहते दुख होता है कि देहरादून या खुलके आसपास अक मुसलमान माभीका खून हो गया । खुसका अक्रमात्र कसूर यह था कि यह मुसलमान था । मा मैं हिन्दुस्तानी धके करो मुसलमानों को हिन्दुस्तान छोड देनेके लिये कह सकता है भासिर ये कहॉ नायें रेलगाड़ियोंमें भी तो वे सुरक्षित नहीं हैं ! यह सच है कि पाकिस्तानमें हिन्दुओंकी भी यही दुर्गति हो रही है । मगर दो गलत कामोसे भेक सही काम नहीं बन सकता । हिन्दुस्तानी संघके मुसलमानोंसे बदला लेकर भाप पाकिस्तानके हिन्दुओं और सिक्खोंको कोभी मदद नहीं पहुँचा सकते । मे आपसे अपील
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