RE सबसे बड़ा मिलाज १७-१०-२४७ मुझे अपने दोस्तोकी तरफले कभी बस और सन्देश मिले हैं, जिनमें मेरे हमेशा बने रहनेवाले कके बारेमें चिन्ता बतायी गयी है । जैसे रेडियोपर मेरे भाषण की बातें फैल गर्मी, झुसी तरह मेरे झुस करी बात भी फैल गभी, जो शामको जुमें अक्सर मुझे तकलीफ देता है । फिल भी, पिछले चार दिनोंसे कफ मुझे कम तकलीफ दे रहा है, और मुझे आशा है कि वह जल्दी ही पूरी तरह मिट जायगा । मेरे कफके लगातार बने रहने का यह कारण है कि मैंने कोओ मी डॉक्टरी भिलाज करानेसे भिन्कार कर दिया है। डॉ० सुशीलाने मुहसे कहा कि अगर आप शुरू ही पेनिसिलिन के को, तो आप तीन ही दिनों में अच्छे हो आयेंगे, वर्ना के मिटनेने तीन हफ्ते लग जायेंगे। मुझे पेनिसिलिन के कारगर होनेमें कोमी शक नहीं है। लेकिन मेरा यह भी विश्वास है कि रामनाम ही सारी बीमारियोंक्स सवसे या मिलान है । मिसाल वह सारे मिलाजोंते पर है। चारों तरसे मुझे घेरनेवाली आपकी लपटोंके बीच तो भगवानमें बोदीजागती श्रद्धाकी मुझे सबसे वही जररत है। वही लोगोंको मिस आगको बुझानेकी शक्ति दे सकता है। अगर भगवानको मुझसे काम लेना होगा, तो वह मुझे जिन्दा रखेगा, वर्ना मुझे अपने पास बुला लेगा । आपने अमी जो भजन सुना है, खुससे कविने मनुष्यको कभी रामनाम न भूलनेका झुपदेश दिया है। भगवान ही मनुष्यका क्षेत्रमात्र आसरा है। अिसलिये आजके चकटमें मे अपने आपको पूरी तरह भगवानके भरोसे छोड़ देना चाहता हूँ और सरीरकी बीमारीके लिओ किसी तरहकी ढॉक्टरी मदद नहीं लेना चाहता। ९६
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