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पृष्ठ:Gandhi - Delhi Diary (Hindi).pdf/१४२

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अगर वे लोग अपनी श्रद्धा मुज्ज्वल रखें और सही रास्तेपर जमे रहें, तो भगवान बहुत जल्द सुनकी मुसीबते दूर कर देगा | कोदकी समस्या जिसके बाद गाधीजीने कोटकी समस्याकी तरफ लोगोका ध्यान सोंचते हुने कहा कि क्ल मे जिस विषयपर आपसे कुछ यातें बह चुका है। श्री नगदीअन् जो खुद मिस बीमारीके मरीज रह चुके है और अभी हाल ही ससे बने हुये हैं, वे कोढियोकी सेवाके लिये काफी मेहनत मुठा रहे हैं। वे अक्सर महासंमे रहते है । नगर कोक निवारक कान्फरेन्सके अिन्तजाम में मदद देनेके लिये दो हफ्ते पहले वर्धा आये हैं । अन्होंने मुझे कुछ लेख और पत्रव्यवहार भेजे है, जिन्हें मैने आज मेरे ही पता है । सुनमें श्री जगरीशने aisi reet सुपयोग न करनेके लिये दलील दी है। जिन शब्दमें क्षेत्र नफरतका भाव आ गया है। झुनका कहना है कि जिन्हें यह बीमारी हो अन्हें कोडी कहनेके बजाय कोटके मरीन कहा जाय 1 सुजली, हैजा, प्ला, वहाँ तक कि मामूली जुकाम भी असीं छूतकी बीमारियाँ हैं जिनसे कोटकी छूत शायद बहुत कम लगती है । दूसरी छूतकी श्रीमारियोंके बजाय कोड़के बारेमें जितनी नफरत क्यों रहनी चाहिये ? मे आपने कह चुका है कि सच्चे फोटो तो ये है जिनके दिल गन्दे है । किसी मिन्सानको अपनेसे नीचा समझना, किसी आति या फिरकेको नफरतकी नजर से देखना, बीमार दिमागकी निशानी है, जिसे मे शरीरके कोढसे ज्यादा बुरा समझता हूँ । असे लोग समाज के असली कोबी है । मैं गुट तो शब्दोंको ज्यादा महत्व नहीं देता। अगर गुलावको किसी दूसरे नामसे पुकारा जाय, तो खुसकी खुशबू नहीं चली जायगी । कल मैंने कहा था कि राजकुमारी अमृतकुँवर और डॉ० जीवराज मेहता दिल्लीमें ज्यादा काम होनेकी बजहने वर्षाकी कान्फरेन्समै गरीक नहीं हो सकेंगे। मुझे यह जानकर खुशी हुमी है कि डॉ० जीवराज मेहता कान्फरेन्स शरीक हो सकेंगे । आखिर में मुझे आपको यह सूचना देनी है कि अगली शामको जेलमें प्रार्थना होगी, मिसलिमे शनिवारको मैं आपसे नहीं मिल सकूँगा । ११५