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पृष्ठ:Gandhi - Delhi Diary (Hindi).pdf/१७१

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गायकी रक्षा करनेमें सबसे आगे माने जाते है। टेक्न वे हिन्दू धर्मके स्लोंको मिती भूल गये है कि दूसरोंपर तो बे सुक्षीने पावन्दियों लगायेंगे और खुद गाय और झुमकी सन्तानके नाथ बहुत कुरा बरताव करेंगे। आज दुनिया में हिन्दुस्तान क्यों है? जैसा कि माना जाता है, मवेशी ही सबसे ज्यादा सुपेक्षित ये दुनिया में सबसे कम दूध कारण देशपर चोट क्यों वन गये हैं । बोस दोनेवाले जnath नाते लोके साथ भितना युरा बरताव क्यों किया जाता है ? हिन्दुस्तान के पिंजरापोल जैसे नहीं हैं जिनपर गर्व किया जाय । सुनमें बहुत पैसा लगाया जाता है, लेकिन वहाँ पोंका सभिन्सी और बुद्धिमानीभरा पालनपोषण शायद ही किया जाता हो। ये पिंजरापोल हिन्दुस्तान के जानवरोको नया जन्म कभी नहीं देते। वे नवेशियोंके साथ हमदीं और दया वा रके ही जैना कर सकते है । मेरा यह दावा है कि सुननामोके साथ दोस्ती वा सक्ने कारण मैने कानूनी मदद लिये दिना, दूसरे किती हिन्दूके aate ज्यादा गायको सारे बचाया है । ५५ ५-११-१४० हरिजनकी काके लायक बननेको योग्यता आज मुझे आपसे कुरान शरीफके विशेषके बारेमें कुछ नहीं कहना 1 क भाग अंतरात्र तो है ही, लेकिन वे हमारे दोस्त न गये है । वे हमेशा चभ्यताले विरोध करते है। भारत भवन किंग्सवेके हरिजन-निवास ts हरिजन ने गाया है। सी आवाज किल्ली नोठी और बुरी है। मेरे साथ आप लोगोंको भी मिस बातकी ही होनी चाहिये कि अगर अक हरि चराका मोका दिया जाय, तो वह किसी सवर्ण हिन्दू या दूसरे आदमीले किसी तरह पीछे नहीं रहता । बेशक, मैने कुछ बातोंमें सो, जैसे संगीत ૧૪