- हैं, दुखी लोगोंकी अपनी मुसीनता सबक न लेनेको छ और जितने बड़े हुमे पैमानेपर आदमीके साथ आदमीकी बेरहमी मामी भाभी का चल रहा स्तल । मिस्र दुःख और मुसीबत में उशीरा को भी कारण नहीं देख सकता 1 अगर इन मजबूती और भमझदारीले दीवालीकी खुशियांने भाग लेनेसे जिन्कार करेंगे, तो हमे अपने दिलको टटोलने और अपने आपको पवित्र बनानेकी प्रेरणा मिलेगी। हन कोमी अंला काम न करें जिससे जितनी कहीं मेहनत और जितनी मुसीरतोंके बाद निको हुमी आजारी वरदान वा बेठें। विदेशी वस्तियोंकी आजादी अब मुझे जिम हफ्ते फ्रांसीसी हिन्दुस्तान से आनेवाले कुछ दोस्तोकी मुलाकातका चिक करना चाहिये । सुन्होंने यह शिकायत की कि चन्द्रनगरके सन्यानहके नामले पुकारे जानेवाले आन्दोलनके बारेमें मैंने जो कुष्ट कहा था, सुनका नाजायज फायदा शठाकर फ़ासीसी अधिकारियोंने फावीसी हिन्दुस्तानकी जनताकी आजादीकी भावनाओंको कुचलने की कोशिश की, जो raat saare फायदेमन्द अतरको कायम रखते हुने हिन्दुस्तानी सबके मातहत पूरा पूरा स्वराज चाहती है। न्होंने मुझसे यह भी कहा कि ब्रिटिश हुकूमतको तरह फासीसी हिन्दुस्तान में भी कैसे लोग हैं जिनकी तुलना पाँचवी स्तावालोंसे की शसक्ती है। मे अपने स्वार्थके लिये rate feet are देवे हैं, जो पटले फातीची हिन्दुस्तान के लोगोंकी कुदरती भावनाओं को दवाना चाहते हैं। अगर पातीसी हिन्दुस्तानके मुलागातियों यह बगान सच है, तो मुझे सचमुच बडा दुख है। सो जो भी हो, मेरी राय जि बारेमें साफ और पक्की है। ब्रिटिश हुकूमत से आजाद होनेवाले अपने करोडों देशवासियोंके सामने छोटी छोटी विदेशी बस्तियोंके लोगों के लि गुलामोंमें रहना सम्भव नहीं है। मुझे यह जानकर दुख होता है कि चन्द्रनगरके श्रवि मैंने जो दोस्तीस सक किया, इसका कोमी सोबमरोडकर यह अर्थ उगा सकता है कि मै हिन्दुस्तानकी विदेशी बस्तियोंके लोगों पार्टिया दरनेका कमी समर्थन कर सकता हूँ। भिसलिये १६२
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